अब और तेज रफ्तार से दौड़ेंगी भारतीय ट्रेनें, रेलवे ने मार्च 2027 तक का लक्ष्य तय किया

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डेस्क : रेल यात्रियों के लिए आने वाले समय में सफर और तेज होने की उम्मीद है। भारतीय रेलवे ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने के साथ उनकी लेटलतीफी कम करने की दिशा में बड़ा तकनीकी बदलाव करने की तैयारी में है। इसके तहत रेलवे सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल (CTC) प्रणाली लागू करने की योजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना को 1 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेलवे के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेनों की औसत गति में करीब 25 से 30 फीसदी तक सुधार हो सकता है। इसके साथ ही यात्रियों के सफर का समय भी कई घंटे तक कम होने की उम्मीद है। दिल्ली-मुंबई जैसे प्रमुख मार्गों पर यात्रा का समय लगभग ढाई से तीन घंटे तक घट सकता है।

300 से अधिक स्टेशनों पर बदलेगी व्यवस्था

नई CTC प्रणाली के तहत करीब 300 छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों और सिग्नलिंग व्यवस्था का नियंत्रण स्थानीय स्तर के बजाय केंद्रीकृत नियंत्रण केंद्र से किया जा सकेगा। यह प्रणाली 500 किलोमीटर से अधिक दूरी तक ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में मदद करेगी।

रेलवे की योजना दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता जैसे प्रमुख रेल मार्गों पर इस तकनीक को लागू करने की है। नई व्यवस्था के जरिए मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर इस्तेमाल करते हुए रेलवे ट्रैक पर अधिक ट्रेनों के संचालन की क्षमता भी बढ़ाने का प्रयास करेगा।

हादसों में कमी आने का दावा

रेलवे के मुताबिक, CTC प्रणाली को ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच’ और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इससे सिग्नलिंग और ट्रेन संचालन में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। रेलवे का अनुमान है कि मानवीय भूल के कारण होने वाले रेल हादसों में 85 से 90 फीसदी तक कमी लाई जा सकती है।

रेलवे का एक अन्य बड़ा लक्ष्य दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता मार्ग पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत जैसी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों का संचालन करना है। अधिकारियों का मानना है कि इसके लिए आधुनिक सिग्नलिंग और केंद्रीकृत ट्रेन नियंत्रण व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।