सीमा सुरक्षा को लेकर इटली सख्त, स्पेन के साथ एक महीने के लिए रोका शेंगेन समझौता

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डेस्क : यूरोप में बढ़ते अवैध प्रवासन को लेकर इटली ने सख्त कदम उठाया है। स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में बड़ी संख्या में प्रवासियों के प्रवेश के बाद इटली ने स्पेन के साथ अपनी खुली सीमा यात्रा व्यवस्था (शेंगेन समझौता) को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इटली सरकार का कहना है कि यह फैसला नागरिकों की सुरक्षा और यूरोपीय सीमाओं की रक्षा के लिए लिया गया है।

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने शुक्रवार को इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि स्पेन के साथ शेंगेन व्यवस्था को अस्थायी रूप से रोकना “नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यूरोपीय सीमाओं की रक्षा के लिए आवश्यक कदम” है।

इटली के गृह मंत्रालय के अनुसार, यह निलंबन शनिवार से प्रभावी होगा और एक महीने तक लागू रहेगा। तजानी ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ के नियमों के तहत सदस्य देशों को ऐसी असाधारण परिस्थितियों में सीमा नियंत्रण बहाल करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सेउटा में उत्पन्न स्थिति के कारण यह कदम उठाना अब अपरिहार्य हो गया था।

इटली के विदेश मंत्री ने सेउटा संकट को पूरे यूरोपीय संघ की “साझा जिम्मेदारी” बताया। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि वे अनियंत्रित प्रवासन को रोकने के लिए मिलकर काम करें। तजानी ने कहा कि बिना निगरानी के बड़ी संख्या में प्रवासियों का यूरोप में प्रवेश सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकता है, जिनमें आतंकवाद का खतरा भी शामिल है।

इससे पहले इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी सेउटा सीमा पर सामने आए हालात को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने वहां के वीडियो को “चौंकाने वाला” बताते हुए कहा था कि इटली अपनी सीमाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपातकालीन प्रावधानों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि सेउटा और मेलिला स्पेन के दो ऐसे क्षेत्र हैं जो अफ्रीकी महाद्वीप में स्थित हैं और यूरोपीय संघ की अफ्रीका के साथ एकमात्र जमीनी सीमाएं मानी जाती हैं। इन क्षेत्रों में लंबे समय से प्रवासियों के दबाव की समस्या बनी हुई है। हालांकि, स्पेनिश अधिकारियों के अनुसार, हालिया घटनाओं में पहुंचने वाले प्रवासियों की संख्या अब तक की सबसे बड़ी संख्या में दर्ज की गई है।