‘शिवाजी को चूहा कहा, युवाओं को कॉकरोच कह रहे’, उद्धव ठाकरे का सियासी वार

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डेस्क : शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने युवाओं को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास में महान नेताओं और योद्धाओं को भी विरोधियों ने अपमानित करने की कोशिश की थी, लेकिन समय ने उनकी महानता साबित की। ठाकरे ने कहा कि मुगलों ने छत्रपति शिवाजी महाराज को ‘चूहा’ कहकर संबोधित किया था, लेकिन वही शिवाजी महाराज आगे चलकर हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक बने। आज कुछ लोग युवाओं को ‘कॉकरोच’ कह रहे हैं, लेकिन यही युवा देश का भविष्य हैं।

उद्धव ठाकरे का यह बयान उस विवाद के बीच आया है, जिसमें युवाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर राजनीतिक घमासान छिड़ा हुआ है। ठाकरे ने इस मुद्दे को शिवाजी महाराज के संघर्ष से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी पीढ़ी या वर्ग को कमजोर समझना बड़ी भूल होती है।

‘युवाओं की ताकत को कम मत आंकिए’

ठाकरे ने कहा कि देश की दिशा और भविष्य तय करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि युवा केवल विरोध करने वाली शक्ति नहीं, बल्कि बदलाव लाने वाली ताकत हैं।

उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्ष के समय भी उनके विरोधियों ने उन्हें कमतर आंकने की कोशिश की थी, लेकिन उनके साहस और नेतृत्व ने उन्हें महान बना दिया।

‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर बढ़ा विवाद

दरअसल, हाल के दिनों में एक राजनीतिक विवाद के दौरान युवाओं को लेकर ‘कॉकरोच’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज हो गई थी। विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी को युवाओं का अपमान बताते हुए विरोध जताया।

उद्धव ठाकरे ने इसी संदर्भ में कहा कि युवाओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी आंदोलन या असहमति को केवल आलोचना के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

शिवाजी महाराज का उदाहरण देकर साधा निशाना

ठाकरे ने कहा कि इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जब संघर्ष करने वालों को शुरुआत में आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में वही लोग प्रेरणा बने।

उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर अपनी पहचान बनाई। इसलिए आज के युवाओं को लेकर भी किसी तरह की नकारात्मक सोच रखना उचित नहीं है।

महाराष्ट्र की राजनीति में बयान से हलचल

उद्धव ठाकरे के इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए सियासी हमले के रूप में देखा जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) लगातार युवाओं और जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधती रही है।

ठाकरे के बयान के बाद अब सत्तारूढ़ दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। माना जा रहा है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रह सकता है।