स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी टीम इंडिया में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लगातार चयन से बाहर रहने के बावजूद शमी ने उम्मीद नहीं छोड़ी है और अपनी फिटनेस पर जमकर काम कर रहे हैं। उनके बचपन के कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने खुलासा किया है कि शमी ने पिछले घरेलू सीजन के बाद अपना वजन करीब 5 किलो कम किया है। वह अगले सीजन में मैदान पर वापसी के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
सितंबर में 36 साल के होने जा रहे शमी ने आखिरी बार 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से वह लगातार टीम से बाहर हैं। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में शमी ने सात मैचों में 37 विकेट चटकाए, जबकि विजय हजारे ट्रॉफी के सात मुकाबलों में उनके नाम 15 विकेट रहे। इसके बावजूद उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिल सकी।
‘शमी का मूड पॉजिटिव, अभी उसमें क्रिकेट बाकी है’
शमी के बचपन के कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि तेज गेंदबाज का हौसला बरकरार है और वह अगले सीजन में खेलने के लिए पूरी तरह प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि शमी अभी भी देश के लिए खेलने को तैयार हैं और उनमें काफी क्रिकेट बाकी है।
बदरुद्दीन के मुताबिक, शमी ने फिटनेस हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है और पिछले घरेलू सत्र के बाद पांच किलो वजन कम किया है। कोच ने यह भी कहा कि अगर देश को उनकी जरूरत होगी तो वह खेलने के लिए तैयार हैं।
इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका का दिया उदाहरण
बदरुद्दीन ने शमी की उपयोगिता पर बात करते हुए इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में तेज गेंदबाजों को परिस्थितियों से काफी मदद मिलती है और वहां शमी उपयोगी साबित हो सकते थे। वहीं, दक्षिण अफ्रीका में गेंदबाजी के लिए अनुभव महत्वपूर्ण है और शमी के पास इस मामले में काफी अनुभव है।
भारतीय पेस अटैक भी चोटों से परेशान
इस बीच भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण चोटों की समस्या से जूझ रहा है। हर्षित राणा इंग्लैंड दौरे पर सिर्फ 14 ओवर गेंदबाजी करने के बाद दोबारा चोटिल हो गए थे। वहीं, जसप्रीत बुमराह भी इंग्लैंड के खिलाफ वापसी के बाद चोटिल हुए और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हैं। ऐसे में शमी की फिटनेस और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन पर एक बार फिर चयनकर्ताओं की नजरें टिक सकती हैं।
शमी के लिए चुनौती आसान नहीं है, लेकिन उनके कोच की बातों से साफ है कि अनुभवी तेज गेंदबाज ने अभी वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। अब उनकी नजरें अगले घरेलू सीजन में दमदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को फिर से अपने पक्ष में करने पर होंगी।








