लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था और परीक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अफवाह फैलाने या परीक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाए और ऐसे मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए और सभी जिम्मेदार अधिकारी अपनी भूमिका गंभीरता और सतर्कता के साथ निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
आगामी 8, 9 और 10 जून को होने वाली इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल होंगे। ऐसे में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने पहले भी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं, जिनमें तकनीकी निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत करना शामिल है।
फिलहाल प्रशासन की नजर परीक्षा के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष आयोजन पर है, जबकि अफवाहों पर नियंत्रण और व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रमुख चुनौती माना जा रहा है।


