डेस्क : ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉमेडियन समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और तीन अन्य के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी रद्द कर दीं। इसके साथ ही इस मामले में उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही भी समाप्त हो गई।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान समय रैना और अन्य आरोपियों की ओर से दिव्यांगजनों के सम्मान और अधिकारों को लेकर किए गए प्रयासों को भी ध्यान में रखा। अदालत ने उनके प्रयासों को सकारात्मक माना और इसी आधार पर मामले में राहत दी।
विवाद के बाद दर्ज हुई थीं कई प्राथमिकी
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक कार्यक्रम में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और अन्य के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में शिकायतें और प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। मामले ने फरवरी दो हजार पच्चीस में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया था।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने पहले भी आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों में कार्रवाई पर रोक लगाते हुए उन्हें राहत दी थी। अब शीर्ष अदालत के ताजा आदेश के बाद इस विवाद से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है।
अदालत ने युवाओं के प्रयासों को सराहा
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में शामिल युवाओं द्वारा दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके सम्मान को लेकर किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण माना। अदालत का यह रुख मामले में राहत दिए जाने के प्रमुख पहलुओं में शामिल रहा।
हालांकि, अदालत ने डिजिटल मंचों पर प्रसारित होने वाली सामग्री और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े सवालों को भी गंभीरता से लिया है। इस मामले ने इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मनोरंजन की सीमा और आपत्तिजनक सामग्री के नियमन को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी थी।
मामले का कानूनी अध्याय हुआ समाप्त
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ इस मामले में दर्ज प्राथमिकी और आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है। इस फैसले को आरोपियों के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।








