सऊदी अरब में मिला 11 करोड़ टन यूरेनियम युक्त अयस्क, बदलेगी ऊर्जा की तस्वीर

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डेस्क : तेल के विशाल भंडार के लिए दुनिया में पहचान रखने वाले सऊदी अरब को अब एक और बड़ी खनिज संपदा मिली है। देश ने मदीना क्षेत्र में करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम युक्त अयस्क की खोज की है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सम्मेलन के दौरान इस खोज की जानकारी दी।

सऊदी अरब सरकार लंबे समय से तेल पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने और खनन क्षेत्र को अर्थव्यवस्था का नया आधार बनाने की दिशा में काम कर रही है। यूरेनियम के इस बड़े भंडार की खोज को इसी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूरेनियम परमाणु ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख खनिज है। ऐसे में इस खोज से सऊदी अरब की परमाणु ऊर्जा संबंधी योजनाओं को भी भविष्य में मजबूती मिल सकती है। हालांकि, खोजे गए अयस्क में मौजूद वास्तविक यूरेनियम की मात्रा और उसके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाएं आगे की जांच और मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट होंगी।

सऊदी अरब सोना, तांबा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और उत्पादन पर भी जोर दे रहा है। वैश्विक स्तर पर दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती मांग के बीच देश खनन क्षेत्र को आर्थिक विविधीकरण के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देख रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, 11 करोड़ टन यूरेनियम युक्त अयस्क का अर्थ 11 करोड़ टन शुद्ध यूरेनियम नहीं है। अयस्क में यूरेनियम की मात्रा उसकी गुणवत्ता और सांद्रता पर निर्भर करती है। इसलिए इस खोज का वास्तविक आर्थिक महत्व आगे होने वाले विस्तृत आकलन के बाद ही सामने आएगा।

सऊदी अरब की यह खोज ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के वैकल्पिक स्रोतों पर विशेष ध्यान दे रही है। ऐसे में यह भंडार आने वाले वर्षों में सऊदी अरब की ऊर्जा और खनिज रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।