अदन : यमन के मारिब शहर में शनिवार को हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हो गए। यमन के सशस्त्र बलों ने ईरान समर्थित हूती संगठन पर शहर के रिहायशी इलाकों और विस्थापित लोगों के शिविरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
यमनी सशस्त्र बलों ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि हूतियों ने मारिब शहर, उसके विभिन्न इलाकों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों तथा विस्थापित लोगों की मौजूदगी वाले शिविरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। सैन्य सूत्र के अनुसार, इन हमलों का जवाब उचित समय और स्थान पर दिया जाएगा।
हमलों के बाद राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के सदस्य मेजर जनरल सुल्तान बिन अली अल-अरादा ने मारिब में सुरक्षा एवं सैन्य समिति के साथ बैठक की। बैठक में देश के जनरल स्टाफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सगीर बिन अजीज समेत वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र की ताजा सुरक्षा और सैन्य स्थिति की समीक्षा की गई।
कई मोर्चों पर हूती ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई
हूतियों के हमलों के बाद यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी उनके ठिकानों के खिलाफ कई स्थानों पर सैन्य कार्रवाई की। यमनी सशस्त्र बलों ने शनिवार को मारिब और हद्रामौत प्रांतों में हालिया हूती गतिविधियों के जवाब में विभिन्न मोर्चों पर व्यापक सैन्य अभियान चलाने की घोषणा की।
सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुजैली ने कहा कि यह अभियान यमनी सशस्त्र बलों के अपने सुरक्षा हितों, सैनिकों और आम नागरिकों की रक्षा के अधिकार के तहत चलाया गया। उन्होंने हूतियों पर बार-बार हमले करने और नागरिकों एवं सैन्यकर्मियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
अल-नुजैली के मुताबिक, सरकारी बलों ने संपर्क रेखा के कई मोर्चों पर हूती लड़ाकों और उनकी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से सरकार के अधीन विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय और एकीकृत कमान का संदेश गया है।
सरकार ने दी व्यापक जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
यमनी सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि किसी एक मोर्चे या सैन्य क्षेत्र पर किया गया हमला सरकार समर्थित सभी मोर्चों पर हमला माना जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाले किसी भी हमले का सैन्य नेतृत्व के निर्देश पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अल-नुजैली ने यमन की जनता और कबीलों से सरकारी बलों के साथ एकजुट होने की अपील करते हुए हूतियों पर देश के संसाधनों और संपदा के दोहन, अवैध वसूली, अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और यमन को क्षेत्रीय संघर्षों में धकेलने का आरोप लगाया।
यमन में सरकार समर्थित बलों और हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष के बीच मारिब और हद्रामौत में हालिया सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है।








