ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को बताया ‘झड़प’, बोले- ‘तेहरान समझौता करना चाहता है’

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डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ जारी युद्ध को महज एक “झड़प” करार देते हुए दावा किया कि तेहरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने ये बातें जॉर्जिया के मैरिएटा में अपने प्रशासन की ‘ट्रंप अकाउंट्स’ पहल को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।

ट्रंप ने ईरान पर हालिया अमेरिकी हवाई हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान को लगातार भारी नुकसान हो रहा है और वह समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान अभी समझौते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है, क्योंकि हर बार समझौते के बाद वह उसमें बदलाव की मांग करता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान बहुत जल्द बातचीत के लिए तैयार हो जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिक लेफ्टिनेंट टायलर फीहन के परिवार को भी सम्मानित किया। इससे पहले बुधवार को ट्रंप डेलावेयर स्थित डोवर एयर फोर्स बेस पहुंचे, जहां उन्होंने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के दौरान मारे गए चार अमेरिकी सैन्यकर्मियों के पार्थिव अवशेषों को सम्मानपूर्वक सौंपे जाने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया।

लेफ्टिनेंट टायलर फीहन हवाई के ईवा बीच के रहने वाले थे। वह फोर्ट ब्रैग, नॉर्थ कैरोलिना स्थित 32वीं आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड की दूसरी बटालियन, 55वीं एयर डिफेंस आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात थे। उनकी 18 जुलाई को जॉर्डन में मौत हुई थी।

अपने संबोधन में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बाइडन के कार्यकाल में अमेरिका गंभीर संकट से गुजर रहा था और देश में 48 वर्षों की सबसे खराब महंगाई देखने को मिली। ट्रंप ने कहा कि अब दुनिया अमेरिका का मजाक नहीं उड़ा रही है और देश की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।

वहीं, ईरान की ओर से भी अमेरिका को कड़ा संदेश दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई, खासकर देश के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमले का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई में सहयोग करने वाले लोगों और पक्षों को भी ईरान वैध निशाना मानेगा।

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और खाटम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स की ओर से भी इसी तरह की चेतावनी दी गई है। दोनों ने किसी भी हमले की स्थिति में निर्णायक कार्रवाई की बात कही है।