डेस्क : उत्तर कोरिया ने शनिवार को कई बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया। दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी सागर (सी ऑफ जापान) की ओर दागी गईं। यह परीक्षण दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के पांच दिवसीय संयुक्त समुद्री सैन्य अभ्यास के समाप्त होने के एक दिन बाद हुआ है।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि मिसाइलों का प्रक्षेपण शनिवार सुबह करीब 5:20 बजे हुआ। मिसाइलों ने लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तय की। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां प्रक्षेपण के शुरुआती चरण से ही घटनाक्रम पर नजर रख रही थीं और इससे जुड़ी जानकारी जापान के साथ भी साझा की गई।
सैन्य अभ्यास से पहले ही जताया था विरोध
उत्तर कोरिया ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में प्रस्तावित ‘फ्रीडम एज’ संयुक्त सैन्य अभ्यास का कड़ा विरोध किया था। प्योंगयांग ने इन अभ्यासों को उत्तर कोरिया और क्षेत्र के अन्य देशों के लिए खतरा बताया था।
उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को संभावित हमले की तैयारी करार देता रहा है। ऐसे अभ्यासों के दौरान प्योंगयांग की ओर से मिसाइल परीक्षण किए जाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
ट्रंप-किम मुलाकात की अटकलों के बीच परीक्षण
उत्तर कोरिया का यह नया मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच संभावित मुलाकात को लेकर चर्चा तेज है। ट्रंप ने 19 अगस्त को कहा था कि वह इस साल किम से मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं।
इससे पहले 20 अगस्त को भी उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर कई मिसाइलें दागी थीं। यह परीक्षण उस समय हुआ था, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया वार्षिक उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास का छोटा संस्करण आयोजित कर रहे थे।
ट्रंप के निर्देश पर इस बार इन सैन्य अभ्यासों का स्तर कम किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन अभ्यासों को उत्तर कोरिया के प्रति “अनुचित और शत्रुतापूर्ण” बताया था।
बातचीत की संभावना भी बनी हुई
हालांकि, मिसाइल परीक्षणों के बीच अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संभावित संवाद की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में सांसदों को बताया था कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच शिखर वार्ता किसी भी समय संभव हो सकती है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान किम जोंग उन से तीन बार मुलाकात कर चुके हैं। इन बैठकों का उद्देश्य उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करना था, लेकिन वार्ता से कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी।
किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया पर साधा निशाना
20 अगस्त के मिसाइल परीक्षण के कुछ घंटों बाद किम जोंग उन की बहन और उत्तर कोरियाई नेता की करीबी सहयोगी किम यो जोंग ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों में कटौती के फैसले पर प्रतिक्रिया दी थी।
उन्होंने इसे दक्षिण कोरिया के लिए “स्पष्ट आपदा” बताते हुए कहा था कि सियोल की सुरक्षा नीति अवास्तविक और पुराने दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संबंधों को “मालिक और सेवक” का रिश्ता करार देते हुए दक्षिण कोरियाई सरकार की आलोचना की थी।
नए मिसाइल परीक्षण से एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं, हालांकि इसके साथ ही अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संभावित शीर्ष स्तर की बातचीत की उम्मीद भी बनी हुई है।








