वंदे मातरम् के अपमान पर होगी सजा, मोदी सरकार कानून में संशोधन की तैयारी में

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नई दिल्ली :  राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम से जुड़े कानून में संशोधन करने की योजना बना रही है, जिसके तहत वंदे मातरम् के अपमान या इसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है।

प्रस्तावित संशोधन के जरिए वंदे मातरम् को भी उन राष्ट्रीय प्रतीकों के समान कानूनी संरक्षण देने की तैयारी है, जिनके अपमान पर वर्तमान में कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान मौजूद है।

राष्ट्रीय गीत को मिलेगा कानूनी संरक्षण

मौजूदा समय में ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से जुड़े मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। अब सरकार इसमें संशोधन कर वंदे मातरम् को भी इसके दायरे में शामिल करने की तैयारी कर रही है।

अपमान या बाधा डालने पर होगी कार्रवाई

प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् का अपमान करता है या इसके गायन में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।

सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इस महत्वपूर्ण गीत के सम्मान को सुरक्षित रखना है।

संसद में पेश हो सकता है विधेयक

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार इस संशोधन विधेयक को संसद के आगामी सत्र में पेश कर सकती है। सरकार का मानना है कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है, इसलिए इसके सम्मान की रक्षा के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था जरूरी है।

राष्ट्रीय भावना से जुड़ा है वंदे मातरम्

‘वंदे मातरम्’ को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को एकजुट करने वाले प्रमुख गीतों में माना जाता है। यह देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रस्तावित कानून के बाद वंदे मातरम् के सम्मान से जुड़े मामलों में स्पष्ट कानूनी प्रावधान लागू हो सकेंगे।