वीजा-पासपोर्ट टेंडर विवाद पर सुप्रीम फैसला, आवेदकों को राहत; सेवाएं रहेंगी जारी

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नई दिल्ली: वीजा और पासपोर्ट सेवाओं से जुड़े टेंडर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया। हालांकि, आवेदकों और यात्रियों की सुविधा को देखते हुए नई व्यवस्था लागू होने तक मौजूदा सेवा प्रदाताओं को काम जारी रखने की अनुमति दी गई है।

मामला विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों में वीजा, पासपोर्ट और कांसुलर सेवाओं के संचालन के लिए जारी किए गए टेंडर से जुड़ा था। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले इस टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द कर दिया था और केंद्र सरकार को पारदर्शी तरीके से नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि नई निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक सेवाओं में किसी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। अदालत के निर्देश के बाद विदेशों में भारतीय मिशनों के माध्यम से मिलने वाली वीजा और पासपोर्ट सेवाएं वर्तमान व्यवस्था के तहत जारी रहेंगी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में टेंडर प्रक्रिया के मूल्यांकन और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई थी। अदालत का कहना था कि सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और स्पष्ट प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

इस फैसले से विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों और वीजा-पासपोर्ट सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों को राहत मिली है। नई एजेंसी के चयन तक पुरानी व्यवस्था के माध्यम से सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहेंगी।