विजय ने फिर चौंकाया, कांग्रेस का 59 साल का सूखा खत्म कराया; किसे ज्यादा फायदा


डेस्क। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय सरकार में दो विधायकों के शपथ के साथ कांग्रेस की राज्य में सत्ता से दूरी खत्म हो गई है। पार्टी को उम्मीद है कि पूरे 59 वर्ष बाद सत्ता में मिली हिस्सेदारी से राज्य में खोई हुई अपनी जमीन वापस पाने में मदद मिलेगी। तमिलनाडु में कांग्रेस के सिर्फ पांच विधायक हैं। वर्ष 1967 में तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के उदय के बाद कांग्रेस लगातार हाशिए पर रही है।

किसी ने सरकार में नहीं रखा

इन वर्षों में पार्टी ने दोनों द्रविड़ पार्टियों एआईएडीएमके और डीएमके के साथ गठबंधन किया, पर इन पार्टियों ने कभी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं दी। यही वजह थी कि पार्टी के अंदर सत्ता में हिस्सेदारी की मांग लगातार जोर पकड़ रही थी।

तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर टीवीके सरकार में कांग्रेस की हिस्सेदारी को बेहद अहम मानते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस ने पहले भी गठबंधन सरकारों का समर्थन किया है, पर सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मिली। सत्ता में हिस्सेदारी मिलने से पार्टी को राज्य में अपना प्रभाव बढ़ाने और खोई हुई जमीन वापस पाने में मदद मिलेगी।

पार्टी को जनाधार बढ़ाने में मदद मिलेगी

पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि सरकार का हिस्सा बनने के बाद कांग्रेस को जहां मतदाताओं से सीधा संवाद कर अपनी बात पहुंचाने का मौका मिलेगा, वहीं पार्टी प्रदेश कांग्रेस को नए सिरे से खड़ा कर नए लोगों को अपने साथ जोड़ सकती है। कांग्रेस को अपना जनाधार बढ़ाने में मदद मिलेगी और वोट प्रतिशत बढ़ेगा।

लोकसभा में फायदे की उम्मीद

कांग्रेस रणनीतिकार मानते हैं कि टीवीके सरकार में शामिल होने का राजनीतिक फायदा लोकसभा चुनाव में भी मिल सकता है। पार्टी को डीएमके और एआईएडीएमके के साथ गठबंधन के मुकाबले ज्यादा सीट मिल सकती है। वहीं, मुख्यमंत्री थलापति विजय की पार्टी टीवीके के साथ गठबंधन का चुनावी लाभ भी मिलेगा। तमिलनाडु में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का वोट बैंक सिकुड़ रहा है। वर्ष 2019 के चुनाव में जहां पार्टी को आठ सीट के साथ 12.9% वोट मिला था, वहीं 2024 के चुनाव में नौ सीट के साथ 10.8% वोट मिले। विधानसभा में भी पिछले चुनाव के मुकाबले वोट एक फीसदी कम होकर 3.5% पर रह गया।

पार्टी को केवल चार बार दो आंकड़ों में सीट

तमिलनाडु में वर्ष 1967 में सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस ने सीट के मामले में सिर्फ चार बार दो अंको में आंकड़ा हासिल किया है। वर्ष 1984 और 1991 में पार्टी को 61-61 सीट मिली थी। इसके बाद 2006 में 34 और 2021 में 18 सीट पर जीत हासिल की। इसके अलावा पार्टी को चुनाव में कभी दो अंकों में सीट नहीं मिली।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles