2027 चुनाव से पहले एक्शन में चुनाव आयोग, पांच राज्यों में अधिकारियों के तबादले के निर्देश

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डेस्क : वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चुनावी ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों के तबादले और तैनाती को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है।

आयोग के निर्देशों के अनुसार, चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारियों को एक ही जिले में तीन साल से अधिक समय तक तैनात नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, अपने गृह जिले में तैनात अधिकारियों का भी तबादला किया जाएगा। पिछले चार वर्षों के दौरान किसी जिले में तीन साल की सेवा पूरी कर चुके अधिकारियों को भी स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चार राज्यों के लिए 31 मार्च, यूपी के लिए 31 मई की समयसीमा

अधिकारियों की तैनाती की अवधि की गणना के लिए आयोग ने अलग-अलग कटऑफ तारीखें निर्धारित की हैं। गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तराखंड में 31 मार्च 2027 तक की अवधि के आधार पर नियम लागू होंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के लिए 31 मई 2027 को आधार बनाया जाएगा।

निर्देशों के मुताबिक, जिले के भीतर किसी दूसरे पद पर पदोन्नति के बाद बिताई गई अवधि को भी तीन साल की सेवा की गणना में शामिल किया जाएगा। हालांकि, राज्य मुख्यालय में बिताई गई अवधि को कुछ शर्तों के तहत जिले में तैनाती की अवधि से अलग रखा जा सकता है।

पिछले चुनाव में तैनात अधिकारियों पर भी लागू होंगे नियम

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी, पुलिस उपनिरीक्षक और उनसे वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में तैनात नहीं किया जाएगा, जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए उपचुनाव के दौरान तैनात रहे हों। अधिकारियों के तबादले करते समय यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें उनके गृह जिले में तैनात न किया जाए।

मार्च से मई 2027 के बीच समाप्त होंगे पांच राज्यों की विधानसभाओं के कार्यकाल

इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल अगले वर्ष समाप्त हो रहा है। गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027, मणिपुर का 13 मार्च, पंजाब का 16 मार्च, उत्तराखंड का 28 मार्च और उत्तर प्रदेश का 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है।

चुनाव से पहले अधिकारियों की तैनाती और तबादलों को लेकर जारी ये निर्देश चुनावी व्यवस्था को निष्पक्ष बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।