नई दिल्ली : विदेशों में छिपकर भारतीय कानून से बचने वाले भगोड़े अपराधियों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई तेज हुई है। गृह मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से कुल 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। इनमें आतंकवादी, गैंगस्टर, आर्थिक अपराधी और मादक पदार्थों से जुड़े आरोपी शामिल हैं। हत्या, बलात्कार और पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में वांछित अपराधियों को भी विदेशों से वापस लाया गया है।
इन भगोड़ों में मुंबई के 26/11 आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण भी शामिल है। गृह मंत्रालय ने इसे भगोड़े अपराधियों के खिलाफ भारत की कानूनी और कूटनीतिक कोशिशों का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है।
2025 में सबसे ज्यादा 70 भगोड़े वापस आए
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019 में नौ, 2020 में सात, 2021 में 23, 2022 में 40, 2023 में 37, 2024 में 43 और 2025 में सबसे ज्यादा 70 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया। जुलाई 2026 तक 45 भगोड़े भारत लौटाए जा चुके हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2004 से 2013 के बीच हर साल औसतन केवल चार भगोड़ों को ही भारत वापस लाया जा सका था। सरकार ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रत्यर्पण व्यवस्था को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और तकनीक के इस्तेमाल से कार्रवाई में तेजी आई है।
भगोड़ों की 17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त
सरकार के मुताबिक, वर्ष 2019 से 2026 के बीच धन शोधन निरोधक कानून के तहत भगोड़े अपराधियों की कुल 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसी अवधि में विदेश भागे आर्थिक अपराधियों से जुड़े मामलों में 18,762 करोड़ रुपये की सफल वापसी भी की गई है।
रेड कॉर्नर नोटिस में भी तेजी
भगोड़े अपराधियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई के लिए इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस का इस्तेमाल भी बढ़ा है। गृह मंत्रालय के अनुसार, 2022 में 40, 2023 में 100, 2024 में 107, 2025 में 112 और 2026 में अब तक 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में 501 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुए हैं।
सरकार के अनुसार, भगोड़ों का पता लगाने के लिए खुफिया सूचनाओं, डिजिटल तकनीक, अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग और निगरानी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भी विदेशों में छिपे अपराधियों का पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए विशेष वैश्विक संचालन केंद्र स्थापित किए हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि भगोड़े अपराधियों का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। सरकार ने भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मजबूत समन्वय पर जोर दिया है।







