इंडिगो की उड़ानें हुईं महंगी, घरेलू टिकट पर अब 1,300 रुपये तक ईंधन शुल्क

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डेस्क : विमान से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर एक बार फिर असर पड़ने वाला है। विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। नए शुल्क 6 अक्टूबर 2026 से की जाने वाली नई बुकिंग पर लागू होंगे।

इंडिगो के मुताबिक, विमान ईंधन की कीमत में एक महीने के दौरान 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है और यह पिछले करीब एक दशक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है। बढ़ती ईंधन लागत से परिचालन खर्च पर दबाव बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए कंपनी ने दूरी के आधार पर घरेलू उड़ानों का ईंधन शुल्क बढ़ाया है।

घरेलू उड़ानों पर इतना बढ़ा शुल्क

500 किलोमीटर तक की उड़ान पर अब 375 रुपये ईंधन शुल्क लगेगा, जबकि पहले यह 275 रुपये था। 501 से 1,000 किलोमीटर की दूरी के लिए शुल्क 400 से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह 1,001 से 1,500 किलोमीटर के लिए 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर के लिए 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक की उड़ान के लिए 1,300 रुपये शुल्क देना होगा।

कंपनी का कहना है कि ईंधन लागत में हुई पूरी बढ़ोतरी का असर किराये में डालने पर यात्रियों पर और अधिक बोझ पड़ता। इसलिए ईंधन लागत के दबाव के बावजूद शुल्क में अपेक्षाकृत सीमित बढ़ोतरी की गई है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी महंगी

इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ईंधन शुल्क में बदलाव किया है। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक की उड़ान के लिए 1,000 रुपये और इससे अधिक दूरी के लिए 3,000 रुपये शुल्क होगा। दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी देशों और मध्य पूर्व तथा उत्तर एवं पूर्वी एशिया के लिए यह शुल्क 5,500 रुपये किया गया है। अफ्रीका के लिए 6,000 रुपये और यूरोप के लिए 10,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

विमानन कंपनियों के परिचालन खर्च में विमान ईंधन की बड़ी हिस्सेदारी होती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का सीधा असर विमान किराये और एयरलाइनों के मुनाफे पर पड़ता है।