डेस्क : अमेरिका और सऊदी अरब ने मंगलवार को इराक के पूर्वी हिस्से में संयुक्त सैन्य अभियान चलाते हुए ईरान समर्थित आतंकी समूहों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन समूहों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे।
CENTCOM ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी और सऊदी लड़ाकू विमानों ने आतंकवादी समूहों के कई लॉजिस्टिक और हथियार ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई 72 घंटे के भीतर IRGC के निर्देश पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले सफल नहीं हो सके।
अमेरिकी कमान ने क्षेत्र में लगातार बने सुरक्षा खतरे का उल्लेख करते हुए कहा कि फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच इराक में ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया ने अमेरिकी नागरिकों और ठिकानों को निशाना बनाकर 600 से अधिक हमलों का प्रयास किया। CENTCOM ने IRGC और उसके सहयोगी समूहों को तत्काल आक्रामक गतिविधियां रोकने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका की ओर से आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
सऊदी अरब ने भी संयुक्त सैन्य अभियान की पुष्टि की है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने इराकी क्षेत्र से छोड़े गए कई ड्रोन को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। इन ड्रोन का लक्ष्य पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण पेट्रोलियम प्रतिष्ठान थे।
अल-मलिकी ने कहा कि सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के अनुरूप सैन्य कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि सऊदी सशस्त्र बलों ने CENTCOM के समन्वय से इराक में उन मिलिशिया ठिकानों पर लक्षित हमले किए, जो सीमा पार से किए गए ड्रोन हमलों से सीधे जुड़े थे।
सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि देश को अपनी सुरक्षा और क्षमताओं की रक्षा करने का वैध अधिकार है और वह उचित समय तथा स्थान पर जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
इस बीच, मंगलवार तड़के उत्तरी इराक के एरबिल में कई विस्फोटों की खबर सामने आई। इनमें से कुछ विस्फोट अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के आसपास भी हुए। बताया गया कि इस दौरान ईरानी ड्रोन ने क्षेत्र के कई ठिकानों को निशाना बनाया। स्थानीय पुलिस सूत्रों के हवाले से खबरों में कहा गया कि उत्तरी इराक के खलीफान और सोरान इलाकों में कम से कम चार ईरानी ड्रोन ने हमले किए।
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने इराकी सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अल-अनबार प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया है। स्थानीय मीडिया में हदीथा बांध के पास अमेरिकी ड्रोन के दुर्घटनाग्रस्त होने की तस्वीरें भी सामने आने की बात कही गई है।
उत्तरी और पश्चिमी इराक में इस सैन्य गतिविधि के बीच आईआरआईबी ने यह भी बताया कि सुलेमानियाह स्थित खोर मोर गैस क्षेत्र को निशाना बनाकर हमला किया गया। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका, सऊदी अरब और ईरान समर्थित समूहों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।








