डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात कर ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत कई अहम सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की। बैठक को दोनों पक्षों ने सकारात्मक और उपयोगी बताया। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है।
अमेरिकी प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और उसके बाद नेतन्याहू के साथ बैठक की। उन्होंने दोनों बैठकों को “सकारात्मक और उत्पादक” बताया।
बैठक के बाद नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ हुई बातचीत को अपने राजनीतिक कार्यकाल की सबसे बेहतर साझेदारियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर गहरी सहमति है।
नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यह महज सामान्य राजनयिक बातचीत नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच पूर्ण साझेदारी और आपसी समर्थन का परिचायक थी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने इजरायल के भविष्य की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कदमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और आपसी समन्वय को मजबूत किया।
नेतन्याहू के कार्यालय ने बैठक की कुछ तस्वीरें भी जारी कीं। तस्वीरों में ट्रंप और नेतन्याहू ओवल ऑफिस में साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक बताई गई है।
बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और इजरायल के अमेरिका में राजदूत यचिएल लीटर समेत दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस बीच, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि नेतन्याहू ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने की कोशिशों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की परमाणु गतिविधियों पर पहले से नजर रख रहा है।
ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों से जुड़े पिकैक्स माउंटेन का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को वहां की स्थिति की पूरी जानकारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिका को वहां भी कार्रवाई करनी पड़ सकती है।
ट्रंप और नेतन्याहू की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के बीच क्षेत्रीय हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। हाल में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत लागू युद्धविराम के कमजोर पड़ने के बाद क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।








