नई दिल्ली : भारत ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में निर्यात में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है और सरकार ने इस वर्ष कुल निर्यात को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी।
भारत व्यापार महोत्सव 2026 में बोलते हुए गोयल ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में देश का कुल निर्यात रिकॉर्ड 863 अरब डॉलर रहा, जिसमें 442 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और 421 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल है। पिछले छह वर्षों में भारत के निर्यात में करीब 73 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
गोयल ने कहा कि 863 अरब डॉलर से निर्यात को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना बड़ी चुनौती है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं और विभिन्न देशों में जारी संघर्षों के बीच यह उपलब्धि भारत की आर्थिक ताकत को प्रदर्शित करेगी। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में करीब 15 प्रतिशत की निर्यात वृद्धि वैश्विक बाजारों में भारत की बढ़ती पकड़ का संकेत है।
एफटीए से बढ़ा वैश्विक बाजार तक पहुंच
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले चार वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। इन समझौतों के तहत ऐसे देशों और अर्थव्यवस्थाओं तक भारत की प्राथमिकता वाली पहुंच बनी है, जिनकी संयुक्त अर्थव्यवस्था करीब 60 ट्रिलियन डॉलर है। इससे करीब 25 ट्रिलियन डॉलर के अंतरराष्ट्रीय व्यापार बाजार तक भारतीय कारोबारियों की पहुंच बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाने के लिए विनिर्माण क्षेत्र के साथ-साथ एमएसएमई, किसान, मछुआरे और सेवा क्षेत्र की अधिक भागीदारी जरूरी है। भारत में बने उत्पादों के इस्तेमाल और वैश्विक बाजारों में भारतीय कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी से उत्पादन और कारोबार का विस्तार होगा तथा बड़े पैमाने पर उत्पादन से लागत संबंधी लाभ भी मिलेगा।
डिजिटल और बेहतर व्यापारिक तौर-तरीकों पर जोर
गोयल ने भारतीय कारोबारियों से अपने व्यवसाय को डिजिटल बनाने, बेहतर विनिर्माण प्रक्रियाएं अपनाने और निष्पक्ष व्यापारिक व्यवहार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने टिकाऊ विकास, रीसाइक्लिंग, पुन: उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को भी कारोबार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत को केवल ‘मेड इन इंडिया’ के लेबल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भारतीय उत्पादों के साथ गुणवत्ता, डिजाइन और ब्रांड की वैश्विक विश्वसनीयता भी स्थापित करनी होगी।
गोयल ने कहा कि करीब चार ट्रिलियन डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था 2047 तक कम से कम 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकती है। इसके लिए उत्पादन और निर्यात में निरंतर वृद्धि जरूरी होगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।








