नई दिल्ली : मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम संकेत दिए हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह यह तय करने से जुड़ी याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेजने पर विचार कर रही है कि इस मामले में हिंदू पक्ष की ओर से किस मुकदमे को मुख्य या प्रतिनिधि वाद माना जाए। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी।
दूसरे वादियों को नोटिस नहीं देने पर सवाल
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अन्य वादियों को नोटिस दिए बिना ही एक अलग मुकदमे में शामिल हिंदू पक्षकार को भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधि मान लिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संकेत दिया कि मामले को दोबारा विचार के लिए हाईकोर्ट भेजा जा सकता है, ताकि सभी संबंधित वादियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिल सके।
2025 में हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को एक हिंदू पक्षकार को सभी भक्तों के प्रतिनिधि के तौर पर मुकदमा आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट ने 2023 के वाद संख्या 17 को प्रतिनिधि वाद मानते हुए उसे पहले सुनने और उस पर निर्णय करने का निर्देश दिया था।
इसी आदेश को एक अन्य हिंदू पक्षकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि सभी संबंधित वादियों को सुने बिना किसी एक पक्ष को सभी भक्तों का प्रतिनिधि मानना उचित नहीं है।
विवाद से जुड़े कई मुकदमे लंबित
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े कई मुकदमे अदालतों में लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी मस्जिद समिति और हिंदू पक्षों की ओर से अलग-अलग आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाएं लंबित हैं।
इससे पहले 26 मई 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा की अदालत में लंबित इस विवाद से जुड़े सभी मामलों को अपने पास स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। फिलहाल शीर्ष अदालत ने अंतिम फैसला नहीं दिया है, बल्कि मामले को दोबारा इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने की संभावना जताई है।








