डेस्क : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर की चर्चा तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद और कूचबिहार से लोकसभा सदस्य जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) से जुड़े 20 सांसदों में से 17 जल्द ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उनके मुताबिक यह बदलाव दुर्गापूजा से पहले या उसके आसपास अक्टूबर में हो सकता है। हालांकि, उनके इस दावे की अन्य सांसदों और भाजपा की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।
बसुनिया ने कहा कि 20 सांसदों में से 17 एक साथ भाजपा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। उनका दावा है कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों के एक साथ दल बदलने की स्थिति में दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता का प्रावधान लागू नहीं होगा। जून 2026 में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में शामिल होने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को समर्थन देने का ऐलान किया था।
बसुनिया के अनुसार, अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े तीन सांसद भाजपा की औपचारिक सदस्यता नहीं लेंगे। इनमें यूसुफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहिर खान के नाम बताए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि ये सांसद बाहर से एनडीए को समर्थन दे सकते हैं। हालांकि, इन सांसदों में से कुछ ने भाजपा में शामिल होने के किसी फैसले की जानकारी से इनकार किया है।
दूसरी ओर, भाजपा ने भी बसुनिया के दावे से दूरी बनाई है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा है कि किसी नेता के भाजपा में शामिल होने का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है। कुछ अन्य बागी सांसदों ने भी कहा है कि उन्हें भाजपा में शामिल होने की किसी योजना की जानकारी नहीं है।
बसुनिया के दावे के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यदि यह दावा सच साबित होता है तो आने वाले दिनों में राज्य में सियासी समीकरणों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।








