डेस्क : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए उनके बयान की आलोचना की।
भाजपा नेता निसिथ प्रमाणिक ने ममता बनर्जी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने लंबे समय तक कथित फर्जी और अयोग्य मतदाताओं के सहारे चुनावी लाभ उठाया। प्रमाणिक ने कहा कि भाजपा संविधान, कानून और जनमत का सम्मान करती है।
दरअसल, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए वैध मतदाताओं के नाम प्रभावित किए जा रहे हैं। ममता ने आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पुराने मतदाता आधार पर चुनाव कराने की मांग भी रखी।
ममता ने चुनाव आयोग और भाजपा के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के बजाय आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
भाजपा ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया से उन लोगों की पहचान हो रही है, जिनके नाम मतदाता सूची में नियमों के विपरीत दर्ज हैं।
ममता के आरोपों और भाजपा के पलटवार के बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। विपक्ष जहां आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा चुनाव आयोग की कार्रवाई का समर्थन कर रही है।








