भोग प्रधान युग में संयम का वरण महान त्याग : मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’

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जयपुर : भौतिक सुख-सुविधाओं और भोग प्रधान जीवनशैली के दौर में जब कम उम्र में ही युवा पीढ़ी आधुनिक साधनों और आकर्षणों से घिरी हुई है, ऐसे समय में संसार के मोह-ममत्व को छोड़कर संयम और साधना का मार्ग स्वीकार करना निश्चित रूप से प्रेरणादायी है। जैन भागवती दीक्षा इसी महान त्याग और आत्मशुद्धि की साधना का प्रतीक है। यह विचार मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने बुधवार को अणुविभा केन्द्र, मालवीय नगर में आयोजित 14 वर्षीय दीक्षार्थी भाई जहान बेताला के मंगलभावना समारोह में व्यक्त किए।

श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ एवं मुनिश्री संभव कुमार जी ने दीक्षार्थी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ने कहा कि आज की मोबाइलमय दुनिया में रहते हुए उससे स्वयं को मुक्त करना और जैन मुनि की कठोर संयम साधना के पथ को स्वीकार करना साधारण बात नहीं है। संसार के आकर्षणों से ऊपर उठकर संयम जीवन का वरण करना आत्मबल, वैराग्य और आध्यात्मिक चेतना का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि जैन भागवती मुनि दीक्षा अहंकार, ममकार और आसक्ति से मुक्त होने की विशिष्ट साधना है। यह केवल जीवन-शैली में परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यक्ति के सामाजिक जीवन से आध्यात्मिक जीवन की ओर एक महत्वपूर्ण यात्रा है। दीक्षा आत्मानुशासन, त्याग और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प है।

सम्मान और मंगलभावना

समारोह में तेरापंथ शिक्षा समिति एवं गुलाब चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमेन शासनसेवी डॉ. नरेश जी मेहता, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के मुख्य ट्रस्टी श्री आलोक जी हीरावत, सभा मंत्री श्री राजकुमार जी बाफना, तुलसी साधना शिखर राजसमंद के अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार जी दक, सभा सहमंत्री श्री सुरेश कुमार जी बरड़िया, तेरापंथ महिला मंडल की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती नीरू जी मेहता, तेरापंथ महिला मंडल शहर अध्यक्षा श्रीमती कौशल्या जी जैन, मंत्री श्रीमती पायल जी जैन सहित अणुव्रत समिति के मास्टर श्री धर्मेन्द्र जी जैन तथा तेरापंथ युवक परिषद के मंत्री श्री जयंत जी भूरा आदि ने दीक्षार्थी भाई जहान बेताला को दुपट्टा ओढ़ाकर एवं साहित्य भेंट कर सम्मानित किया। उपस्थितजनों ने दीक्षार्थी के संयम पथ की मंगलकामना की।

कार्यक्रम में दीक्षार्थी जहान बेताला एवं उनकी मातुश्री श्रीमती नताशा जी बेताला ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी से खमतखामणा की।

समारोह की शुरुआत महिला मंडल की बहनों द्वारा मां-बेटे के राग-वैराग संवाद पर आधारित गीत की भावपूर्ण एवं प्रेरक प्रस्तुति से हुई। प्रस्तुति ने समारोह के आध्यात्मिक वातावरण को और भावपूर्ण बना दिया।

18 जनवरी को लाडनूं में होगी दीक्षा

श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष श्री शांतिलाल जी गोलछा ने बताया कि दीक्षार्थी मुमुक्षु जहान बेताला को 18 जनवरी 2027 को लाडनूं स्थित जैन विश्व भारती के सुधर्मा सभा में तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी जैन भागवती मुनि दीक्षा प्रदान करेंगे। समारोह को लेकर श्रद्धालुओं और तेरापंथ समाज में विशेष उत्साह है।