नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) से अपील की कि वे SIR प्रक्रिया के दौरान उन्हें मिले निर्देशों और उनके अनुपालन की प्रक्रिया के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी दें।
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से हाल में सामने आए बयानों तथा ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा समय से पहले सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किए जाने के घटनाक्रम के बाद अन्य राज्यों के अधिकारियों को भी अपनी बात सामने रखनी चाहिए।
चिदंबरम ने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बोल चुके हैं। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी बोल चुके हैं। ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समय से पहले सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है। अन्य उच्च न्यायालयों या सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी राज्यों के CEO को बुलाए जाने से पहले मैं उनसे अपील करूंगा कि वे सामने आएं और बताएं कि उन्हें क्या निर्देश मिले, कब मिले और उन्होंने उन निर्देशों का किस तरह पालन किया।”
उन्होंने SIR प्रक्रिया की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अधिकारियों ने प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां जताई थीं, तो उन्हें अब इस बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी देनी चाहिए। चिदंबरम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ने अधिकारियों की आपत्तियों को दरकिनार किया।
चिदंबरम की यह टिप्पणी द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीने की अवधि में मतदाता सूची, मतदाता पंजीकरण और तकनीकी प्रणालियों से जुड़े फैसलों को लेकर कम से कम 14 मौकों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन चिंताओं में फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाताओं के नाम हटाने और केंद्रीय मतदाता सूची डेटाबेस तक पहुंच से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने संस्थागत मतभेद के दावों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मसौदा तैयार करने के चरण में प्रशासनिक सवाल, संचालन संबंधी सुझाव और अन्य इनपुट देना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR के कार्यक्रम से जुड़े सभी अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
इस बीच, INDIA गठबंधन के दलों ने चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों के प्रबंधन को लेकर अपना अभियान तेज करने की घोषणा की है। विपक्षी दलों की ओर से 6 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन और 1 नवंबर को नई दिल्ली में बड़े स्तर पर रैली आयोजित करने की योजना है।








