नशा नाश का द्वार, समस्या से मुक्ति के लिए नशे का सहारा न लें : मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’

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जयपुर :  नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि व्यक्ति को एक नई समस्या की ओर ले जाने वाला मार्ग है। आज प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में युवा तनाव, मानसिक दबाव और अवसाद जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में नशे को राहत का साधन समझना जीवन को और अधिक जटिल बना देता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर आत्मबल, सकारात्मक सोच, संयम और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से जीवन को स्वस्थ एवं सार्थक बनाने की आवश्यकता है।

यह विचार मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने रविवार को अणुविभा केन्द्र, मालवीय नगर, जयपुर में अणुव्रत समिति जयपुर द्वारा आयोजित नशामुक्ति मैराथन एवं जागरूकता कार्यक्रम में व्यक्त किए। यह आयोजन अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के चौथे दिन मनाए गए ‘नशामुक्ति दिवस’ के अवसर पर हुआ।

मुनिश्री ने कहा कि “नशा नाश का द्वार है।” यह व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ उसके पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर डालता है। जीवन की कठिनाइयों और तनाव से बचने के लिए नशे का सहारा लेना समस्या से मुक्ति नहीं, बल्कि एक नई समस्या को जन्म देना है।

उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को नशामुक्ति का संकल्प दिलाते हुए “अणुव्रतों का यह संदेश—नशामुक्त हो सारा देश” का उद्घोष करवाया। मुनिश्री ने कहा कि ध्यान, योग, भावना और अनुप्रेक्षा जैसे आध्यात्मिक प्रयोग व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण और संयम की भावना विकसित करने में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को नशे में नष्ट करने के बजाय शिक्षा, खेल, योग, ध्यान और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुनिश्री संभव कुमार जी ने भक्तिगीत का संगान कर वातावरण को आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी बना दिया।

नशामुक्ति के संदेश के साथ निकली जागरूकता रैली

कार्यक्रम से पूर्व जयपुर में नशामुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों तथा तेरापंथ समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में नशामुक्ति के संदेशों वाली तख्तियां और बैनर लेकर आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

रैली में “अणुव्रतों का यह संदेश—नशामुक्त हो सारा देश” और “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे संदेशों के माध्यम से समाज को नशे से दूर रहने का आह्वान किया गया। रैली ने स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।

रैली का नेतृत्व पूर्व उपमहापौर पुनीत जी कर्णावट, स्थानीय पार्षद नवीन जी भंडारी, तेरापंथी सभा के मंत्री राजकुमार जी बाफना, अणुव्रत समिति जयपुर के अध्यक्ष विनोद जी बैद, मंत्री जयश्री जी सिद्धा सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने किया। आयोजन में महिला मंडल, ते.यु.प. तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।

सामूहिक संकल्प से बनेगा नशामुक्त समाज

आयोजन ने यह संदेश दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठनों और पूरे समाज के सामूहिक प्रयास से संभव है। विशेष रूप से युवाओं को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाने के लिए संस्कार, जागरूकता, सकारात्मक वातावरण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना आवश्यक है।

अणुव्रत समिति जयपुर के इस आयोजन ने नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ संयम, सदाचार और आत्मानुशासन की आध्यात्मिक भावना को भी मजबूती से सामने रखा। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश दिया।