एमपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में राहुल गांधी, फडणवीस से सुधार की मांग

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पुणे : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की कार्यप्रणाली में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की मांग की है। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के विद्यार्थियों ने उनके सामने पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में देरी, शिक्षा की बढ़ती लागत, जर्जर छात्रावास, खराब भोजन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था में कथित अनियमितताओं सहित कई समस्याएं रखी थीं।

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एमपीएससी में सुधार करने, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने का आग्रह किया था। उनके अनुसार, इन मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण वही विद्यार्थी अब पुणे में सत्याग्रह कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी विद्यार्थी एमपीएससी के अध्यक्ष के इस्तीफे और उनकी जगह किसी ईमानदार एवं सक्षम अधिकारी की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों ने 70 हजार से अधिक रिक्त सरकारी पदों को तत्काल भरने की मांग भी उठाई है। राहुल गांधी ने कहा कि इन मांगों के लिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई की आवश्यकता है।

राहुल गांधी के मुताबिक, महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने अपनी मांगों को लेकर सत्याग्रह शुरू किया है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस और एनएसयूआई इस आंदोलन में विद्यार्थियों के साथ हैं और उन्होंने दोनों संगठनों को छात्रों के साथ खड़े रहने के निर्देश दिए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे को एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार के सामने उठाएंगे और स्थायी समाधान की मांग करेंगे।

उन्होंने अपनी पोस्ट में एमपीएससी को विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी संस्था बताते हुए कहा कि इसे लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इस स्थिति को जारी नहीं रहने दिया जा सकता।

पत्रकार से कथित मारपीट के बाद मीडिया ने किया आंदोलन का बहिष्कार

इस बीच, पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को कवर करने पहुंचे एक पत्रकार से कथित मारपीट का मामला भी सामने आया है। घटना एक अक्टूबर को शास्त्री रोड पर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई। पत्रकार निखिल सुक्रे के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के बाद मौके पर मौजूद कई पत्रकारों ने आंदोलन के कवरेज का बहिष्कार कर दिया।

पत्रकारों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने मीडिया कर्मियों की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए उनसे वहां से चले जाने को कहा। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और सुक्रे के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।

पुणे यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के उपाध्यक्ष योगेश बोर्से ने घटना की निंदा करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पत्रकारों ने कहा कि जब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक वे आंदोलन की कवरेज नहीं करेंगे।

इस मामले को लेकर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बन की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। रोहित पवार ने घटना की निंदा करते हुए संबंधित व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और दावा किया कि वह एबीवीपी से जुड़ा था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, नवनाथ बन ने इस घटना के लिए रोहित पवार के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों पर भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एमपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन आयोग की कार्यप्रणाली, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी है। इस बीच राज्य सरकार ने एमपीएससी सचिव महेंद्र हरपलकर को पद से हटा दिया है, जबकि आयोग के अध्यक्ष को लेकर भी विद्यार्थियों की मांग बनी हुई है।