डेस्क : फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुए हमले की खौफनाक घटना अब सामने आई है। विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने नमाज पढ़ने के लिए उठने की बात कही। कुछ मिनट बाद उसने अचानक पीछे से उनके सिर पर हमला कर दिया।
कैप्टन मच्छार के अनुसार, शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। उन्हें लगा कि शायद विमान में कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई है। लेकिन जब सिर पर लगातार वार होने लगे और आंखों के सामने धुंध छाने लगी, तब उन्हें एहसास हुआ कि को-पायलट ही उन पर हमला कर रहा है।
हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। स्थिति बेहद गंभीर हो गई और यात्रियों में भी घबराहट फैल गई। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान को संभालने और हमलावर को रोकने की कोशिश जारी रखी।
उन्होंने बताया कि को-पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा अंदर से ब्लॉक कर दिया था। बाहर से भी दरवाजा खोलने की कोशिश की जा रही थी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने अपनी पूरी ताकत लगाकर दरवाजे का नॉब घुमाया और उसे खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
कैप्टन मच्छार ने इस घटना को याद करते हुए बताया कि उस समय वह बुरी तरह घायल थे, लेकिन उनके भीतर विमान और उसमें सवार यात्रियों को बचाने की आखिरी कोशिश करने का जज्बा बना हुआ था।
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की व्यापक सराहना हुई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया। उन्होंने मच्छार को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित करने की बात कही है।
भारतीय दूतावास की ओर से भी कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी गई है। बताया गया है कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है और वह खतरे से बाहर हैं।








