डेस्क : संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी तकरार उस समय और तेज हो गई, जब भाजपा सांसद अनिल बोंडे ने राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। विपक्ष की ओर से भाजपा को लेकर लगाए जा रहे नारों के जवाब में बोंडे ने कांग्रेस के खिलाफ भी नारेबाजी की।
महाराष्ट्र से भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने सदन में कहा कि 2014 से पहले देश में कांग्रेस को लेकर कई तरह के आरोप लगाए जाते थे। उन्होंने कहा कि उस समय कहा जाता था कि कोयला चोर और भ्रष्टाचारी कहां मिलेंगे—कांग्रेस के दफ्तर में। इसके बाद उन्होंने आतंकवादियों और देशद्रोहियों को लेकर भी इसी तरह का आरोपात्मक नारा लगाया।
बोंडे के इस बयान के बाद भाजपा सांसदों ने भी उनके साथ नारे दोहराए। हालांकि, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने उन्हें ऐसा करने से रोकते हुए कहा कि सांसद केवल सदन के विषय पर बोलें और वही बात रिकॉर्ड में जाएगी।
विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा
दरअसल, संसद के मानसून सत्र में पिछले कुछ दिनों से विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं।
विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के पास प्रदर्शन करते हुए भाजपा के खिलाफ ‘चंदा चोर कहां मिलेंगे, भाजपा के दफ्तर में’ और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए हैं। इसी के जवाब में भाजपा सांसद बोंडे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सदन में पुराने आरोपों का हवाला दिया।
खरगे ने गृह मंत्री से जवाब मांगा
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने को तैयार है, लेकिन सरकार को छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए।
खरगे ने गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पैलेट गन के इस्तेमाल और आंसू गैस छोड़े जाने से जुड़े सवालों का जवाब देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पिछले कई दिनों से इस मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इस पर जवाब देने से बच रही है।








