नई दिल्ली : प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए दी गई स्थल की अनुमति वापस लिए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि प्रशासन इस कार्यक्रम से क्यों डर रहा है।
प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “पता नहीं उन्हें किस बात का डर है।”
दरअसल, प्रयागराज के केपी ग्राउंड में 8 अगस्त को प्रस्तावित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट की ओर से पहले अनुमति दी गई थी। हालांकि बाद में ट्रस्ट ने यह अनुमति वापस ले ली।
कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने प्रयागराज शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भेजे पत्र में बताया कि कॉलेज के प्राचार्य से मिले सुझाव और इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। पत्र में कहा गया कि अदालत ने छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं होने देने पर जोर दिया था।
ट्रस्ट के मुताबिक, कार्यक्रम आयोजित होने से दो स्कूलों के विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा बारिश के कारण खुले खेल मैदान को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। ट्रस्ट ने कार्यक्रम को बारिश के मौसम के बाद स्कूलों की छुट्टियों के दौरान आयोजित करने का सुझाव दिया है।
कांग्रेस ने कहा- कार्यक्रम होकर रहेगा
कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी राहुल गांधी से “डरी हुई” है।
पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा संसद के भीतर भी राहुल गांधी का सामना करने से बचती है और संसद के बाहर भी उनके कार्यक्रमों को रोकने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब भी छात्रों की आवाज उठाने के लिए आगे आते हैं, तब हर बार उनके सामने समस्याएं खड़ी करने का प्रयास किया जाता है।
खेड़ा ने कहा कि विपक्ष अपना काम जारी रखेगा और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम निश्चित रूप से होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रयागराज जाएगी और छात्रों की आवाज को उठाती रहेगी।








