अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, 2030 तक जेल में रहना होगा

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डेस्क : 1993 मुंबई सीरियल बम धमाकों के दोषी गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को सलेम की समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए उसकी याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया।

सलेम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि वह 25 साल की कैद की अवधि पूरी कर चुका है और उसे समय से पहले जेल से रिहा किया जाना चाहिए। उसने भारत-पुर्तगाल प्रत्यर्पण समझौते का हवाला देते हुए कहा था कि भारत सरकार ने पुर्तगाल को आश्वासन दिया था कि उसे 25 साल से अधिक की कैद नहीं दी जाएगी।

नवंबर 2030 तक जेल में रहेगा

सलेम की दलील थी कि अंडरट्रायल के तौर पर जेल में बिताई गई अवधि और अच्छे आचरण के आधार पर मिली रिमिशन को उसकी 25 साल की अधिकतम अवधि में शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

अदालत के मुताबिक, प्रत्यर्पण की शर्त के तहत 25 साल की अवधि की गणना 11 नवंबर 2005 को भारत में उसकी गिरफ्तारी से की जाएगी। इस हिसाब से यह अवधि नवंबर 2030 में पूरी होगी। इसलिए फिलहाल उसकी समय से पहले रिहाई का कोई आधार नहीं बनता।

1993 मुंबई धमाकों में उम्रकैद

अबू सलेम को 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में विशेष टाडा अदालत ने सितंबर 2017 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा 1995 में मुंबई के बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के मामले में भी उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।

सलेम को नवंबर 2005 में पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। प्रत्यर्पण के दौरान भारत ने पुर्तगाल को आश्वासन दिया था कि उसे मृत्युदंड नहीं दिया जाएगा और उसकी कैद 25 साल से अधिक नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट पहले भी दे चुका है फैसला

जुलाई 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि भारत सरकार को पुर्तगाल को दिए गए आश्वासन का सम्मान करना होगा और 25 साल की अवधि पूरी होने पर रिहाई के लिए राष्ट्रपति के समक्ष रिमिशन की सलाह देने की प्रक्रिया अपनानी होगी। हालांकि उस समय भी अदालत ने सलेम की सजा को सीधे कम करने या उसे विशेष राहत देने का आदेश नहीं दिया था।

अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय से पहले रिहाई की याचिका खारिज किए जाने के बाद अबू सलेम को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।