डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि ईरान के साथ जारी युद्ध नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब ज्यादा समय तक युद्ध झेलने की स्थिति में नहीं है और तेहरान चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि चुनाव के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए “बेकरार” है।
हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष सलाहकार निजी तौर पर ट्रंप को चेतावनी दे रहे हैं कि युद्ध उनके मौजूदा कार्यकाल के बचे हुए दो वर्षों तक भी खिंच सकता है।
ईरान के खिलाफ बढ़ा परमाणु दबाव
इसी बीच, ईरान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की अमेरिकी कोशिशों के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने बुधवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कथित “गैर-अनुपालन” के मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास भेजने के पक्ष में मतदान किया।
प्रस्ताव 23-3 मतों से पारित हुआ, जबकि आठ देशों ने मतदान से दूरी बनाई। रूस, चीन और नाइजर ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
ईरान के परमाणु निगरानी संस्था में प्रतिनिधि ने इस प्रस्ताव को अमेरिकी दबाव का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव का कोई आधार नहीं है और इससे कोई परिणाम हासिल नहीं होगा।
नेतन्याहू का दावा—ईरानी शासन के पतन के करीब
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी बुधवार को दावा किया कि ईरान अपने पतन के बेहद करीब है। दक्षिणी सीरिया में सैनिकों के दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्य लक्ष्य ईरान के “आतंकी शासन” को गिराना है और इजरायल इस लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुका है।
दक्षिणी सीरिया के जिस इलाके का नेतन्याहू ने दौरा किया, वहां इजरायल ने अपने शब्दों में “सुरक्षा क्षेत्र” स्थापित कर रखा है।
अमेरिकी हमले में पांच ईरानी तेल टैंकर तबाह
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब अमेरिकी बलों ने पांच ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेना ने कहा कि हमला करने से पहले जहाजों के चालक दल को उन्हें छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कोलंबिया दौरे के दौरान कहा कि ईरान लगातार अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की ओर से इस तरह की हर कोशिश के जवाब में उसके और टैंकरों को निशाना बनाया जाएगा।
होरमुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण
फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कायम रखने का दावा किया है। इसके चलते इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल और अन्य सामान की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
तेहरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए अपनी अनुमति लेना और पारगमन शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य कर दिया है। दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में शामिल होरमुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।








