डेस्क : अमेरिका के इलिनॉय राज्य में हिंदू पूजा स्थल को निशाना बनाने की कथित साजिश के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पैलटाइन निवासी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस पर सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने और संभावित रूप से औरोरा क्षेत्र के एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने का संदेह है। जांच के दौरान उसके पास से कथित तौर पर एक दस्तावेज बरामद हुआ, जिसमें श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा से संबंधित संदर्भ मिले हैं।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब हिंदू समुदाय नवरात्रि सहित प्रमुख त्योहारों की तैयारियों में जुटा है। इससे करीब दो सप्ताह पहले ओहायो के रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई थी।
पापोराकिस को बुधवार को कुक काउंटी के रोलिंग मीडोज स्थित थर्ड म्यूनिसिपल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, पैलटाइन में टैको बेल में कैशियर के रूप में काम करने वाले पापोराकिस के खिलाफ एक व्यक्ति ने सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर उस व्यक्ति के साथ एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें सामूहिक गोलीबारी की योजना का उल्लेख था। इसके साथ राइफल, राइफल की मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी साझा की गई थीं।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर अधिकारियों को संदेह हुआ कि आरोपी 11 अक्टूबर, रविवार को हमला करने की योजना बना रहा था। इस हमले में औरोरा क्षेत्र के किसी हिंदू पूजा स्थल को संभावित रूप से निशाना बनाया जा सकता था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी ने टैको बेल में अपने सहकर्मियों से रविवार को एक ‘खास दिन’ होने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, रविवार को उसने एक सहकर्मी को फोन कर बताया कि उसकी बंदूक जाम हो गई थी और वह बिना किसी की नजर में आए वहां से तेजी से निकल गया।
पैलटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि इस कथित खतरे की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्राथमिकताओं में शामिल है।
घर से राइफल, कारतूस और सामरिक उपकरण बरामद
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान अधिकारियों ने आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक संदेशों और उसके नाम से तैयार एक दस्तावेज की जांच की। इस दस्तावेज का शीर्षक था, ‘Why I Fought: A.K.A.: (Aurora shooter’s manifesto)’। पुलिस के अनुसार, इसमें श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचारधारा से जुड़े बयान थे। साथ ही दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, विशेषकर भारतीय मूल के व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख भी किया गया था।
पैलटाइन और माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभागों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 11 अक्टूबर की शाम आरोपी को उसके घर से निकलते समय हिरासत में ले लिया।
इसके बाद आरोपी के आवास की तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, वहां से एक राइफल, कई भरी हुई राइफल मैगजीन, सैकड़ों अतिरिक्त कारतूस, सामरिक उपकरण और जांच से संबंधित मानी जा रही अन्य वस्तुएं बरामद की गईं। अधिकारियों को एक सामरिक जैकेट भी मिली, जिसमें बॉडी आर्मर के साथ श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ से जुड़ी तस्वीर वाला पैच लगा हुआ था।
आतंकवादी धमकी समेत दो आरोप
पुलिस के अनुसार, पापोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के एक-एक आरोप में मामला दर्ज किया गया है। हथियार संबंधी आरोप में 16 इंच से कम लंबाई वाली बैरल की राइफल रखने का मामला शामिल है।
पैलटाइन पुलिस विभाग ने बताया कि जांच अभी जारी है और इस मामले में एफबीआई के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से संभावित अतिरिक्त आरोपों की भी समीक्षा की जा रही है।
इस बीच, अधिकारियों ने कहा है कि इस घटना के संबंध में आम जनता के लिए किसी मौजूदा खतरे की जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस ने औरोरा पुलिस विभाग को भी संभावित खतरे की सूचना दी थी। पैलटाइन और माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभागों ने अपने-अपने क्षेत्र में हिंदू पूजा स्थलों से संपर्क कर उन्हें संभावित खतरे के बारे में सतर्क किया।
हिंदू संगठनों ने की पुलिस कार्रवाई की सराहना
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। संगठन ने समुदाय के लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संभावित खतरे की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।
फाउंडेशन ने कहा कि प्रत्येक समुदाय को बिना किसी भय के अपने धार्मिक स्थलों पर पूजा करने का अधिकार है।
संगठन ने अपनी एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि भारी हथियारों से लैस आरोपी पहले ही हिंदू मंदिर पहुंच गया था और उसने गोलीबारी शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन बंदूक जाम हो गई। हालांकि, मंदिर में आरोपी की कथित मौजूदगी और गोली चलाने के प्रयास से संबंधित इस दावे की पुलिस की ओर से स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
फाउंडेशन ने यह भी दावा किया कि आरोपी ने स्वयं को श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी विचारधारा से प्रभावित बताया था तथा उसके मन में सामूहिक हत्या की कल्पनाएं आती थीं।
फिलहाल, पुलिस और एफबीआई मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपों की जानकारी सामने आ सकती है।








