जेलेंस्की की ट्रंप से नाराजगी, बोले- अमेरिका हमारे बजाय रूस का साथ दे रहा

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डेस्क : यूक्रेन ने बुधवार को अमेरिका पर रूस के मिसाइल हमलों की समय रहते चेतावनी नहीं देने और स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट प्रणाली में बदलाव कर यूक्रेनी सेना की जवाबी कार्रवाई को प्रभावित करने का आरोप लगाया। यूक्रेन का कहना है कि स्टारलिंक की गति सीमित किए जाने से उसके सैन्य अभियानों और रूसी ड्रोन को रोकने की क्षमता पर असर पड़ा है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क से स्टारलिंक सेवा को बहाल करने की अपील की। ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन के साथ बातचीत में जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह किसी तकनीकी समस्या का परिणाम होगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन इस सेवा को दोबारा सामान्य रूप से चालू करने की मांग कर रहा है।

यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मायखाइलो फेदोरोव ने बाद में कहा कि स्टारलिंक की 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से संचालन क्षमता बहाल की जा रही है। इससे हमलावर ड्रोन और उन्हें रोकने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन फिर से उड़ान भर सकेंगे।

स्टारलिंक पर नियंत्रण को लेकर विवाद

एलन मस्क ने कहा कि स्टारलिंक सेवाओं में किसी भी तरह की पाबंदी के लिए उनकी कंपनी स्पेसएक्स जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने स्टारलिंक और स्टारशील्ड के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि स्टारशील्ड प्रणाली का स्वामित्व और नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास है। इसके इस्तेमाल और गति से संबंधित सीमाएं अमेरिकी सेना और अंततः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तय करते हैं।

यूक्रेन की सेना युद्धक्षेत्र में संचार और सैन्य अभियानों के लिए सैटेलाइट आधारित तकनीक पर निर्भर है। यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि इंटरनेट टर्मिनलों की गति कम होने से रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई और रूसी ड्रोन को रोकने के प्रयास प्रभावित हुए हैं।

कीव के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि अमेरिका ने हाल के दिनों में रूसी मिसाइलों के प्रक्षेपण से जुड़ी खुफिया जानकारी देना बंद करने की धमकी भी दी थी। इस जानकारी का इस्तेमाल यूक्रेन रूसी हमलों को रोकने के लिए करता है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार किया था।

यूक्रेनी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका की ओर से चेतावनी नहीं मिलने और स्टारलिंक पर प्रतिबंधों का समय एक साथ पड़ना महज संयोग नहीं है। जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेसक्रेस्तनोव ने कहा कि इन कदमों से यूक्रेन को जेट इंजन वाले शाहेद ड्रोन से देश की रक्षा करने के सीमित अवसरों में से एक को नुकसान पहुंच रहा है।

ट्रंप के रुख से नाराज जेलेंस्की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा के बाद जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका यूक्रेन के बजाय रूस का पक्ष ले रहा है।

उन्होंने कहा, “यह पीड़ादायक है, जब राष्ट्रपति ट्रंप हमारे पक्ष के बजाय दूसरे पक्ष को चुनते हैं।” जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें लगता है कि ट्रंप के सलाहकार उन्हें गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उनके मुताबिक, यह इतिहास के सही पक्ष में खड़े होने का तरीका नहीं है।

इस बीच, मॉस्को ने कहा कि वह यूक्रेन के प्रति अमेरिका के रुख में किसी भी संभावित बदलाव पर नजर रख रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि फिलहाल किसी व्यापक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आर्थिक सहयोग संबंधी विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने दावा किया कि अमेरिका को डीजल की आपूर्ति से जुड़े पहले समझौतों पर आने वाले दिनों में हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है और बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है।

कीव पर लगातार दूसरे दिन बैलिस्टिक मिसाइल हमले

यूक्रेन की राजधानी कीव पर लगातार दूसरी रात बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में हवाई हमले के सायरन समय पर नहीं बज सके, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों, बंकरों और मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।

जेलेंस्की ने रूस पर अमेरिका के प्रति खुले तौर पर अनादर दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मॉस्को ने तनाव कम करने का एक अवसर गंवा दिया है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एकतरफा तौर पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने से जुड़े संघर्षविराम की घोषणा की थी। यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने इस व्यवस्था का जानबूझकर उल्लंघन किया।

ताजा हमलों में यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में 15 लोगों की मौत हुई। ऊर्जा प्रतिष्ठानों और उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण कीव के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पूर्वी खारकीव क्षेत्र में बिजली संयंत्रों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम में झितोमिर, उत्तर-पूर्व में सूमी और उत्तरी क्षेत्र में चेर्निहिव पर भी हमले हुए।

रूस इससे पहले भी यूक्रेन के बिजली संयंत्रों और हीटिंग व्यवस्था को निशाना बनाता रहा है। ऐसे हमलों से सर्दियों के दौरान बिजली और गर्मी की आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है, जब तापमान शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर सकता है।

ईंधन संकट पर अमेरिका और रूस के बीच बातचीत

अमेरिका में अगले महीने होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप ने ईंधन आपूर्ति में कमी और पेट्रोल पंपों पर बढ़ती कीमतों के लिए यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों को जिम्मेदार ठहराया है।

हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन संकट की प्रमुख वजह फरवरी के अंत से ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले हैं। इन घटनाओं के बाद ईरान ने तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बाधित कर दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ा है।

यूक्रेन और अमेरिका के बीच बढ़ते मतभेदों तथा रूस के साथ अमेरिकी संपर्कों ने युद्ध की दिशा और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।