अमेरिका ने कसा शिकंजा, वामपंथी आतंकी नेटवर्क से जुड़े विदेशियों पर वीजा बैन

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वॉशिंगटन : अमेरिका ने वामपंथी आतंकवादी और उनसे जुड़े संगठनों का समर्थन, वित्तपोषण, भर्ती या अन्य प्रकार से सहायता करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ नई वीजा प्रतिबंध नीति लागू करने की घोषणा की है। इस नीति के तहत ऐसे लोगों को अमेरिका में प्रवेश से रोका जाएगा, जिन्हें राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने या उसमें सहयोग करने का दोषी माना जाएगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार (स्थानीय समय) इस नई नीति की घोषणा करते हुए कहा कि जो विदेशी नागरिक वामपंथी आतंकवादी संगठनों को आर्थिक मदद, उकसावा या अन्य किसी प्रकार का सहयोग देते हैं, उनका अमेरिका में स्वागत नहीं किया जाएगा।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह कदम नेशनल सिक्योरिटी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम-7 के तहत उठाया गया है। इसका उद्देश्य राजनीतिक हिंसा से जुड़े नेटवर्क को आपराधिक गतिविधियों में बदलने से पहले ही रोकना है। यह प्रतिबंध उन लोगों पर लागू होगा जो आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन या प्रचार करते हैं, हिंसक घटनाओं के लिए धन जुटाते हैं, भर्ती करते हैं, लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराते हैं या हिंसक नेटवर्क के संचालन में सहयोग करते हैं।

विदेश विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) के तहत की जा रही है, जिसके तहत ऐसे विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है जिनकी मौजूदगी अमेरिकी विदेश नीति के हितों के लिए हानिकारक मानी जाती है।

यह घोषणा राजनीतिक आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर आयोजित अमेरिकी विदेश विभाग की मंत्रीस्तरीय बैठक के बाद की गई, जिसमें 67 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी अपने नागरिकों और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रुबियो ने कहा कि दुनिया ने लंबे समय तक पारंपरिक आतंकवादी संगठनों पर ध्यान केंद्रित किया, लेकिन वामपंथी चरमपंथी समूहों द्वारा फैलाए जा रहे राजनीतिक हिंसा के खतरे को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे संगठन डर, बम धमाकों, आर्थिक तोड़फोड़ और संगठित हिंसा के जरिए अपने राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह खतरा अब केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इससे निपटने के लिए देशों के बीच खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय और आतंकवादी नेटवर्क की फंडिंग रोकने के लिए साझा प्रयासों की आवश्यकता है।

रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका पहली बार वामपंथी आतंकवादी नेटवर्क से निपटने के लिए व्यापक रणनीति और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी तैयार कर रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि नई वीजा नीति का उद्देश्य अमेरिका के नागरिकों, आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है, ताकि हिंसक चरमपंथी नेटवर्क को सहयोग देने वाले विदेशी नागरिकों को देश में प्रवेश से रोका जा सके।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस मंत्रीस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से यूरोप, एशिया और पश्चिमी गोलार्ध के देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मध्य-पूर्व से केवल इजरायल का प्रतिनिधित्व रहा, जबकि कई देशों ने समय की कमी के कारण अपने विदेश मंत्रियों की बजाय राजदूतों या अन्य अधिकारियों को भेजा।