तेहरान : अमेरिका ने ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में लगातार छठी रात हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में पुलों, रेलवे स्टेशन और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। दोनों देशों के बीच 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के विफल होने के बाद तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, बंदर खमीर काउंटी के कोहोरेस्तान गांव के निकट स्थित दो प्रमुख पुलों तथा शोर नदी पर बने पुल को हवाई हमलों में निशाना बनाया गया। प्रांतीय प्रशासन ने बताया कि इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए। ये पुल होर्मोज़गान प्रांत की महत्वपूर्ण परिवहन कड़ियों में शामिल हैं।
वहीं, बंदर अब्बास के तप्पे अल्लाह अकबर इलाके पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। होर्मोज़गान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के अनुसार, सात लोगों को विस्फोट से संबंधित चोटें आईं, जबकि एक व्यक्ति को फ्रैक्चर हुआ। विश्वविद्यालय ने एक बयान में मृतक के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि एक नागरिक हमले में मारा गया।
आईआरआईबी के अनुसार, बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन स्टेशन पर भी हमला किया गया, जिसमें दो लोग घायल हुए। यह स्टेशन यात्री और मालगाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है तथा शहीद रजाई बंदरगाह और बंदर अब्बास रेलवे को जोड़ता है।
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि गिरीवेह पुल सहित कई महत्वपूर्ण परिवहन संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे क्षेत्रीय यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान की गतिविधियों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को खतरा है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में चेतावनी दी थी कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटता है तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों और पुलों को भी निशाना बनाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका अपने सैन्य अभियान को और तेज करेगा।
लगातार जारी इन हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है तथा व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाएं भी गहरा गई हैं।








