‘बैलेट पेपर से चुनाव करा लो’, हिमंत सरमा की राहुल गांधी को खुली चुनौती

0

डेस्क : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनाव में कथित धांधली और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर गंभीर है, तो उसे पहले उन राज्यों में अपनी सरकारों से इस्तीफा दिलवाना चाहिए, जहां कांग्रेस सत्ता में है। सरमा ने दावा किया कि वह असम में बैलेट पेपर से चुनाव कराने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कांग्रेस भी अपनी सरकारों के इस्तीफे के लिए तैयार हो।

सोमवार को गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान सरमा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर निशाना साधा। उनका यह बयान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आया है।

राहुल गांधी को दी चुनौती

हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी से कहा कि कांग्रेस को पहले उन राज्यों की सरकारों के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए, जहां उसके नेतृत्व में सरकारें बनी हैं। उन्होंने केरल, कर्नाटक और तेलंगाना का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो उसे इन राज्यों में भी चुनावी जनादेश पर सवाल उठाना चाहिए।

सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में हारने पर ईवीएम और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाती है, जबकि जीत मिलने पर इसी व्यवस्था को स्वीकार करती है। हालांकि, ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।

एसआईआर और मतदाता सूची पर भी घेरा

असम के मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि समय-समय पर मतदाता सूचियों की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने असम सहित पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में जनसांख्यिकीय बदलाव तथा अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए एसआईआर को जरूरी बताया।

विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे तथा चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निष्पक्ष और व्यवस्थित चुनाव के लिए जरूरी है।

चुनाव सुधार पर तेज हुई सियासी बहस

बैलेट पेपर बनाम ईवीएम का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं, जबकि भाजपा नेता इन आरोपों का विरोध कर रहे हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा की राहुल गांधी को दी गई चुनौती ने इस विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देता है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर जारी सियासी टकराव आगे किस दिशा में बढ़ता है।