गणेश चतुर्थी स्पेशल: बप्पा के प्रिय मोदक की स्वादिष्ट रेसिपी

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गणेश चतुर्थी का पर्व आते ही घर-आंगन में उत्सव का माहौल बन जाता है। गणपति बप्पा की स्थापना, पूजा-अर्चना और आरती के साथ एक खास मिठास भी इस पर्व का हिस्सा बनती है और वह है मोदक। मान्यता है कि मोदक भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय है। यही कारण है कि गणेश चतुर्थी पर भक्त श्रद्धा और प्रेम से मोदक बनाकर प्रथम पूज्य गणपति को भोग लगाते हैं।

नारियल और गुड़ की मिठास से भरी अंदरूनी परत और चावल के आटे की मुलायम बाहरी परत वाला उकडीचे मोदक महाराष्ट्र की पारंपरिक रसोई की खास पहचान है। इसे भाप में पकाया जाता है, इसलिए स्वाद के साथ यह हल्का और सुगंधित भी होता है।

सामग्री

बाहरी परत के लिए

  • 1 कप चावल का आटा
  • 1 कप पानी
  • 1 चम्मच घी
  • एक चुटकी नमक

भरावन के लिए

  • 1 कप कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल
  • ¾ कप गुड़
  • ½ चम्मच इलायची पाउडर
  • 1 चम्मच घी
  • थोड़े से कटे हुए काजू या बादाम, वैकल्पिक

बनाने की विधि

सबसे पहले एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर हल्का सा भूनें। अब इसमें गुड़ डालें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक गुड़ अच्छी तरह पिघलकर नारियल के साथ मिल न जाए। इसमें इलायची पाउडर और चाहें तो कटे हुए मेवे डालें। मिश्रण को ज्यादा न पकाएं, वरना भरावन सख्त हो सकता है। इसे ठंडा होने के लिए अलग रख दें।

अब मोदक की बाहरी परत तैयार करें। एक पैन में पानी, घी और नमक डालकर उबाल लें। गैस धीमी करके इसमें धीरे-धीरे चावल का आटा डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि गुठलियां न बनें। पैन को ढककर कुछ मिनट पकाएं।

जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तब हाथों पर थोड़ा घी लगाकर इसे अच्छी तरह गूंध लें। आटा नरम और चिकना होना चाहिए। यदि जरूरत हो तो हाथों को हल्का गीला करके आटा गूंध सकते हैं।

अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें हथेली या उंगलियों की सहायता से कटोरी जैसा आकार दें। इसके बीच में तैयार नारियल-गुड़ की भरावन रखें। किनारों पर छोटी-छोटी प्लेट्स या मोड़ बनाते हुए उन्हें ऊपर की ओर बंद करें और मोदक का पारंपरिक आकार दें।

सभी मोदक तैयार होने के बाद उन्हें स्टीमर में रखें और लगभग 10–12 मिनट तक भाप में पकाएं। जब मोदक की बाहरी परत हल्की चमकदार और नरम दिखाई देने लगे, तो समझिए वे तैयार हैं।

गर्मागर्म मोदक पर थोड़ा सा घी डालकर गणपति बप्पा को भोग लगाएं।

स्वाद के साथ जुड़ी है आस्था

मोदक केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि गणेश चतुर्थी की आस्था और परंपरा का हिस्सा है। इसके भीतर छिपी मीठी भरावन और बाहर से सादगी भरी परत जैसे यह संदेश देती है कि जीवन में सच्ची मिठास भीतर के भावों से आती है।

गणपति बप्पा के सामने जब मोदक का भोग सजता है, तो उसमें केवल गुड़ और नारियल की मिठास नहीं होती, बल्कि परिवार की श्रद्धा, प्रेम और मंगलकामना भी शामिल होती है।

इस गणेश चतुर्थी, घर पर बनाइए पारंपरिक मोदक और पूरे परिवार के साथ मनाइए बप्पा के आगमन का यह पावन उत्सव।

गणपति बप्पा मोरया!