नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। वह केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
बिट्टू के इस्तीफे को पंजाब की आगामी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह अब सक्रिय रूप से पंजाब की राजनीति में लौट सकते हैं। अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा पंजाब में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है और ऐसे में बिट्टू की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद उन्हें मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया। लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी भाजपा ने उन्हें केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी थी।
हालांकि, उनके इस्तीफे की स्पष्ट वजह आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। बिट्टू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति आभार जताया है। अब उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह पंजाब लौटकर भाजपा की राज्य राजनीति में कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे।








