डेस्क : कानपुर नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक और गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि आगरा की एक ऐसी फर्म को कूड़ा निस्तारण और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का ठेका निर्धारित दर से दोगुनी कीमत पर दिया गया, जिसे आगरा, अलीगढ़ और मध्य प्रदेश में पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आगरा निवासी ठेकेदार रवि लवानिया की फर्म इनवायरमेंटल टेक्नो पर स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। पूर्व में कुछ स्थानों पर उसके ठेके निरस्त किए जाने और सिक्योरिटी मनी जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
400 रुपये की जगह 800 रुपये प्रति टन का आरोप
शिकायत के मुताबिक कानपुर में कूड़ा निस्तारण का ठेका पहले करीब 400 रुपये प्रति टन की दर से दिया जाता था। आरोप है कि संबंधित फर्म को यही काम 800 रुपये प्रति टन की दर पर दिया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि टेंडर दोगुनी दर पर किन परिस्थितियों में और किन अधिकारियों, कर्मचारियों तथा ठेकेदारों की भूमिका के चलते दिया गया।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि मामले की जांच स्टाफ अफसर को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदारों को धमकाने के भी आरोप
पुलिस के मुताबिक पूर्व में कराई गई जांच में यह आरोप भी सामने आया था कि रवि लवानिया ने नगर निगम के प्रभावशाली ठेकेदारों के समूह से जुड़ने के बाद दूसरे ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने से रोकने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाया। जनवरी 2026 में कराई गई गोपनीय जांच में भी कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा संबंधित फर्मों को ठेका दिलाने के लिए पैरवी किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
तीन शहरों में पहले भी हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार इनवायरमेंटल टेक्नो को अलीगढ़, आगरा और मध्य प्रदेश के शिवपुरी नगर पालिका में स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम मिले थे। काम में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों के बाद इन ठेकों को निरस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कर्मचारी संघ ने जांच के तरीके पर जताई आपत्ति
वहीं, कानपुर नगर निगम कर्मचारी संघ ने जांच के तरीके पर सवाल उठाए हैं। कर्मचारी संघ का कहना है कि जांच के नाम पर कर्मचारियों और इंजीनियरों से लगातार पूछताछ की जा रही है, जिससे नगर निगम का नियमित काम प्रभावित हो रहा है। संघ ने जांच प्रक्रिया में बदलाव की मांग करते हुए कहा है कि यदि कथित उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दोषियों की भूमिका और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।








