मुंबई : दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की ओर से FIR दर्ज किए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने CBI जांच और FIR से जुड़ी जानकारी मीडिया में सामने आने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि जांच शुरू होने से पहले ही FIR के कुछ हिस्से का सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। इससे पहले CBI ने 11 सितंबर को दिशा के पिता सतीश सालियान का विस्तृत बयान दर्ज किया था। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद तैयार की गई FIR करीब 16 पन्नों की है, जिसमें कई चर्चित लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, फिलहाल FIR में किसी व्यक्ति को सीधे तौर पर आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया है।
राउत ने FIR लीक होने पर उठाया सवाल
संजय राउत ने सवाल किया कि जब FIR 16 पन्नों की है तो मीडिया में केवल एक पन्ना ही कैसे सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच अभी शुरू हुई है और इतनी जल्दी FIR के हिस्से का सार्वजनिक होना राजनीतिक उद्देश्य की ओर इशारा करता है।
राउत ने दिशा सालियान की मौत को बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा कि इससे एक लड़की के चरित्र और उसके परिवार की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई पुलिस पहले इस मामले की जांच कर चुकी है और तत्कालीन गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में मामले में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल की गई थी।
आदित्य ठाकरे को निशाना बनाने का लगाया आरोप
संजय राउत ने आरोप लगाया कि दिशा सालियान केस को राजनीतिक मुद्दा बनाकर शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आदित्य ठाकरे मुंबई महानगरपालिका से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं और इसी वजह से उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, CBI की जांच अभी शुरुआती चरण में है और मामले में सामने आने वाले आरोपों या नामों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। अन्य रिपोर्टों के अनुसार, CBI ने हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले को अपने हाथ में लिया है और जांच आगे बढ़ा रही है।
CBI जांच पर राउत ने कहा- निष्पक्ष जांच से आपत्ति नहीं
संजय राउत ने यह भी कहा है कि उनकी पार्टी को निष्पक्ष CBI जांच से कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक उद्देश्य से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
दिशा सालियान की मौत का मामला वर्ष 2020 से ही चर्चा में रहा है। अब CBI की नई जांच के बाद मामले से जुड़े पुराने सवाल एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








