डेस्क : ई-20 पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। शनिवार को दिल्ली में आयोजित ‘नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट ई-20’ में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की ई-20 नीति पर सवाल उठाए तो भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे देशहित में उठाया गया कदम बताया। भाजपा ने दावा किया कि ई-20 ईंधन से वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और इससे देश का विदेशी मुद्रा खर्च भी घट सकता है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह ई-20 को लेकर गलत सूचनाएं फैला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ई-20 के इस्तेमाल से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में करीब 30 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
केजरीवाल ने ई-20 पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने टाउन हॉल में मांग की कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल और ई-20 में से विकल्प चुनने की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने ई-20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम करने और पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाने की भी मांग रखी।
केजरीवाल ने दावा किया कि बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने ई-20 के इस्तेमाल के बाद माइलेज में कमी और इंजन से जुड़ी परेशानियों की शिकायत की है। उन्होंने पुराने वाहनों में ई-20 के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई।
भाजपा ने गिनाए ई-20 के फायदे
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भारत हर साल ईंधन आयात पर बड़ी राशि खर्च करता है और एथनॉल मिश्रण से आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने नीति आयोग के अनुमानों का हवाला देते हुए दावा किया कि एथनॉल मिश्रण से पहले ही वर्ष में करीब एक लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है।
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि एथनॉल मिश्रण से गन्ना किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, ई-20 को बढ़ावा देने के पीछे आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरणीय कारण भी हैं।
केजरीवाल की शिक्षा पर भी निशाना
ई-20 के तकनीकी पहलुओं पर केजरीवाल के सवालों का जवाब देते हुए मल्होत्रा ने उनके शैक्षणिक अनुभव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद को आईआईटी स्नातक बताते रहे हैं, लेकिन ई-20 और तकनीकी मुद्दों पर उनके बयान ऐसे लगते हैं जैसे उन्होंने तकनीकी शिक्षा हासिल ही नहीं की हो।
मल्होत्रा ने केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि वह देश में ऐसे 100 वाहनों का उदाहरण पेश करें जिनके इंजन को ई-20 के कारण नुकसान पहुंचा हो। उन्होंने कहा कि करोड़ों वाहनों के बीच इस तरह के दावों को ठोस प्रमाण के साथ सामने रखना चाहिए।
ई-20 पेट्रोल को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में तेज हुए हैं, जब केजरीवाल ने केंद्र की नीति के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है।








