ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत सतर्क, पूर्वी मोर्चे पर राफेल लड़ाकू विमानों की तैनाती

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नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना ने पूर्वी क्षेत्र में चार राफेल लड़ाकू विमानों की तैनाती की है। इस कदम को क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर नजर रखते हुए भारत की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने पूर्वी सेक्टर में अपनी निगरानी और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिए राफेल विमानों को तैनात किया है। अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस राफेल विमान लंबी दूरी तक कार्रवाई करने, हवाई सुरक्षा मजबूत करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव बढ़ने के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है। भारत, जो ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिहाज से इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, किसी भी संभावित प्रभाव को देखते हुए अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल विमानों का संचालन कर रही है और इन्हें अपनी आधुनिक लड़ाकू क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। भारत के पास वर्तमान में 36 राफेल लड़ाकू विमान हैं, जिन्हें फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से शामिल किया गया था।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में लड़ाकू विमानों की तैनाती भारत की तैयारियों और निगरानी क्षमता को दर्शाती है। हाल के वर्षों में भारत अपनी वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए कई रक्षा आधुनिकीकरण योजनाओं पर काम कर रहा है।