डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप और मतदाता डेटा से जुड़ी कथित गतिविधियों के आरोप लगाए जाने के बाद चीन ने कड़ा जवाब दिया है। बीजिंग ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें “मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण” बताया है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन ने कभी भी अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप नहीं किया और न ही उसकी ऐसी कोई मंशा है। उन्होंने अमेरिका से चीन के खिलाफ “बेबुनियाद आरोप” लगाना बंद करने की अपील की।
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में आरोप लगाया था कि चीन ने अमेरिकी मतदाताओं से जुड़ा बड़ा डेटा हासिल किया और वर्ष 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की। ट्रंप ने इसे चुनावी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के दावे दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बीजिंग ने दोहराया कि वह अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की नीति का समर्थन नहीं करता।
इस विवाद के बाद दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी सुरक्षा और साइबर गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मतभेद आगे भी जारी रह सकते हैं।








