डेस्क : जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन से जुड़े विदेशी फंडिंग के आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा है कि विदेशी सहायता और फंडिंग से जुड़े मामलों में निर्धारित कानून और नियम लागू होते हैं। यदि किसी संस्था या संगठन की ओर से नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित एजेंसियां कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई कर सकती हैं।
दरअसल, सीजेपी के प्रदर्शन और इससे जुड़े संगठनों की विदेशी फंडिंग को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके से जुड़े संगठनों का भी उल्लेख किया गया है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि विदेशी सहायता प्राप्त करने वाले संगठनों को निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है।
इस बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। संगठन की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
वहीं, सोनम वांगचुक के 26 दिन तक चले अनशन को समाप्त करने के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। सीजेपी की ओर से कहा गया है कि वांगचुक का अनशन खत्म होने का अर्थ आंदोलन का समाप्त होना नहीं है और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
विदेश मंत्रालय के बयान के बाद अब विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों और नियमों के पालन को लेकर जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।








