डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह और लेबनान के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इजरायल के खिलाफ हिजबुल्लाह के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि ईरान लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा की रक्षा को अपना दायित्व मानता है।
मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में हिजबुल्लाह के लड़ाकों और संगठन के प्रति समर्थन जताया। उनका यह बयान हिजबुल्लाह प्रमुख शेख नईम कासिम की ओर से भेजे गए एक पत्र के जवाब में आया है। खामेनेई ने इजरायली हमलों में मारे गए हिजबुल्लाह के कमांडरों को भी श्रद्धांजलि दी और संगठन के प्रतिरोध की प्रशंसा की।
ईरानी सुप्रीम लीडर ने कहा कि हिजबुल्लाह इजरायल के खिलाफ संघर्ष में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने संगठन को ईरान के नेतृत्व वाले ‘प्रतिरोध की धुरी’ का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उसके प्रति समर्थन दोहराया।
खामेनेई के बयान में लेबनान में जारी संघर्ष को लेकर भी ईरान का रुख स्पष्ट दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि जब तक लेबनान में इजरायली हमले पूरी तरह बंद नहीं होते, तब तक किसी भी युद्धविराम या शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ना मुश्किल होगा।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के बीच खामेनेई का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेबनान और हिजबुल्लाह का मुद्दा पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक संघर्ष के बीच लगातार संवेदनशील बना हुआ है।
हिजबुल्लाह लंबे समय से ईरान का प्रमुख सहयोगी रहा है और दोनों के बीच राजनीतिक तथा सैन्य संबंध रहे हैं। ऐसे में ईरानी सुप्रीम लीडर का ताजा बयान क्षेत्र में जारी तनाव के बीच ईरान की नीति और उसके सहयोगियों के प्रति समर्थन को दर्शाता है।








