नई दिल्ली : जुलाई 20 को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा गुरुवार को राज्यसभा में जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर इस मामले पर बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और सरकार को सवालों से बचने के बजाय उनका जवाब देना चाहिए।
राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की पूर्व टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश और उसके 140 करोड़ लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दे उठा रहा है। खड़गे ने सभापति से आग्रह किया कि वह गृह मंत्री को सदन में आकर बयान देने का निर्देश दें।
खड़गे ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी अपनी बात दोहराते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के उस कथन का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने संसदीय लोकतंत्र में व्यवधान को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया था। खड़गे का आरोप था कि सरकार महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा से बच रही है।
रिजिजू ने कहा- सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी
खड़गे की मांग पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता ने अपनी मांग के समर्थन में किसी नियम का उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन के सभापति के कामकाज को निर्देशित नहीं कर सकता और न ही यह तय कर सकता है कि सरकार की ओर से कौन-सा मंत्री जवाब देगा।
रिजिजू ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सामूहिक है। उन्होंने कांग्रेस से सदन में नए सदस्यों को भी बोलने का अवसर देने की अपील की।
इसके बाद राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने रिजिजू से विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुंचाने को कहा।
विपक्ष ने सभापति के निर्देश को बताया बड़ी जीत
सभापति के निर्देश के बाद विपक्षी दलों ने इसे अपनी मांग की महत्वपूर्ण सफलता बताया। सीपीआई सांसद पी. संदोश कुमार ने कहा कि विपक्ष लगातार 20 जुलाई की लाठीचार्ज की घटना पर गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा कि अब सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री को विपक्ष की भावना गृह मंत्री तक पहुंचाने का निर्देश दिया है और विपक्ष उनके जवाब का इंतजार कर रहा है।
सीपीआई(एम) सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने भी सभापति के कदम का स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पिछले करीब दो सप्ताह से गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी की मांग कर रहा है। ब्रिटास ने कहा कि सभापति द्वारा गृह मंत्री की मौजूदगी को लेकर निर्देश दिए जाने का विपक्ष स्वागत करता है।
भाजपा ने विपक्ष पर लगाया सदन बाधित करने का आरोप
वहीं, भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन को सुचारू रूप से चलने नहीं दे रहा है और राज्यसभा में खड़गे लगातार एक ही मुद्दा उठा रहे हैं।
रेखा शर्मा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का भी जिक्र करते हुए कहा कि किरेन रिजिजू ने सदन में उनके अब तक अपना पहला भाषण नहीं दे पाने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ सदस्य चर्चा में हिस्सा लेने के बजाय हंगामा करने के लिए आते हैं।
जुलाई 20 की जंतर-मंतर की घटना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी यह टकराव अब गृह मंत्री अमित शाह के संभावित बयान पर केंद्रित हो गया है।








