नई दिल्ली: मानसून के सक्रिय रहने के बीच देश के कई राज्यों में आज, सात अगस्त को भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी चेतावनी है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में बारिश
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
बिहार समेत पूर्वी भारत में भी तेज बारिश
बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी आज भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।
मध्य भारत में भी बरसेंगे बादल
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश हो सकती है। महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण और गोवा में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा। मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मराठवाड़ा में तेज हवाएं चलने की चेतावनी है।
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, पुडुचेरी और कराईकल समेत कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने तथा बिजली गिरने की आशंका है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आंधी-तूफान और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रह सकता है।








