मायावती का नया सियासी दांव, आकाश की जगह छोटे भतीजे ईशान को कमान

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डेस्क : बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के संगठन में एक और बड़ा बदलाव किया है। बड़े भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक के पद से हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद अब उनके छोटे भाई ईशान आनंद को पार्टी में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईशान को उत्तर भारत के सेक्टर एक और सेक्टर दो के अंतर्गत आने वाले राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है।

सीधे मायावती और आनंद कुमार को देंगे रिपोर्ट

ईशान आनंद अपनी जिम्मेदारियों की रिपोर्ट सीधे बसपा सुप्रीमो मायावती और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अपने पिता आनंद कुमार को देंगे। उन्हें अपने कार्यक्षेत्र के राज्यों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ सेक्टर प्रभारियों से सीधे संवाद रखने की जिम्मेदारी दी गई है।

ईशान संबंधित राज्यों का दौरा भी करेंगे और सेक्टर प्रभारियों को दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में बुलाकर संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करेंगे। इन बैठकों और प्रगति की रिपोर्ट मायावती तथा आनंद कुमार को दी जाएगी।

यूपी और उत्तराखंड पर मायावती की सीधी नजर

पार्टी की नई व्यवस्था में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को इस जिम्मेदारी से अलग रखा गया है। इन दोनों राज्यों में संगठन का काम प्रदेश मुख्यालय स्तर से देखा जाएगा और मायावती स्वयं इन पर नजर रखेंगी। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा के इस संगठनात्मक फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तीन सितंबर को आकाश से छीनी गई थी बड़ी जिम्मेदारी

मायावती ने तीन सितंबर को आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटा दिया था। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में भी उन्हें नहीं बुलाया गया था, जबकि ईशान आनंद बैठक में मौजूद थे। इसके बाद से ही पार्टी में ईशान को आगे बढ़ाए जाने की चर्चा तेज हो गई थी।

मायावती ने आकाश को हटाने के पीछे उनकी राजनीतिक परिपक्वता को वजह बताया था। उन्होंने कहा था कि आकाश को अभी पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए और परिपक्व होने की जरूरत है।

2027 से पहले बसपा में बदलाव के संकेत

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के संगठन में हो रहे बदलाव को पार्टी की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आकाश आनंद की भूमिका सीमित करने के बाद अब ईशान आनंद को सक्रिय जिम्मेदारी दिया जाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मायावती संगठन में नई पीढ़ी को अलग तरीके से तैयार करने की कोशिश कर रही हैं।

ईशान आनंद के सामने अब कई राज्यों में पार्टी संगठन की समीक्षा और उसे मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।