डेस्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधान का इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75 की धारा (2) के तहत स्वीकार किया गया। प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय संभाल रहे हैं। इससे पहले वह कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों के हित में अपना इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों का फायदा ‘राष्ट्रविरोधी ताकतों’ को नहीं उठाने दिया जाना चाहिए।
प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
इसी बीच, कॉकroach जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार की ओर से अन्य मांगों पर मिले आश्वासन के बाद उसने जंतर-मंतर पर 37 दिनों से चल रहा आंदोलन वापस ले लिया है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने संविधान क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि संगठन ने ‘सद्भावना’ के तहत आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया है और उम्मीद है कि सहमति बनी शर्तों को तय समयसीमा में लागू किया जाएगा।
सीजेपी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता में सरकार ने कथित तौर पर परीक्षा सुधारों से जुड़े पांच सूत्री मांग-पत्र पर विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। संगठन ने यह भी दावा किया कि नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और देशभर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा कि सरकार ने शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार सहित प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाई गई मांगों पर विचार किया है। उन्होंने कहा कि सीजेपी के पांच सूत्री प्रस्ताव की सरकार द्वारा विस्तार से समीक्षा की जाएगी और चर्चा के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।








