राधिका आप्टे ने शाहरुख खान की पुरानी रोमांटिक फिल्मों पर उठाए सवाल

0

डेस्क : अभिनेत्री राधिका आप्टे ने बॉलीवुड की पुरानी रोमांटिक फिल्मों में प्रेम और महिलाओं के चित्रण को लेकर सवाल उठाए हैं। एक हालिया बातचीत में उन्होंने कहा कि उस दौर की कई फिल्मों में महिला के इनकार को भी प्रेम का हिस्सा मान लिया जाता था और महिलाओं का पीछा करने को रोमांस के तौर पर पेश किया जाता था।

न्यूज18 के साथ बातचीत में राधिका आप्टे ने कहा कि वह शाहरुख खान की बड़ी प्रशंसक हैं, लेकिन अपनी पसंद की पुरानी फिल्मों को दोबारा देखने के बाद उन्हें कई दृश्यों को देखकर हैरानी हुई। उनके मुताबिक, जब कोई महिला ‘न’ कहती थी, तब उसे स्पष्ट इनकार के तौर पर नहीं लिया जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय महिलाओं का पीछा करना रोमांस माना जाता था और यह सोच अब उन्हें हैरान करती है।

राधिका ने यह भी कहा कि बॉलीवुड ने पिछले वर्षों में काफी बदलाव किया है, लेकिन महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और पूरे समाज के नजरिए में अभी और बदलाव की जरूरत है। उन्होंने पुरानी फिल्मों में महिलाओं को पुरुषों की नजर से दिखाए जाने और उनके यौन चित्रण पर भी सवाल उठाए।

बातचीत के दौरान निर्देशक शकुन बत्रा ने पुरानी हिंदी फिल्मों में इच्छा और आकर्षण के चित्रण का जिक्र करते हुए राज कपूर की फिल्मों का उदाहरण दिया। उन्होंने ‘मेरा नाम जोकर’ और ‘राम तेरी गंगा मैली’ जैसी फिल्मों का उल्लेख किया। इस पर राधिका ने कहा कि उस दौर में भी महिलाओं को मुख्य रूप से पुरुष दृष्टिकोण से दिखाया जाता था और उन्हें एक ओर यौन रूप से प्रस्तुत किया जाता था, जबकि दूसरी ओर नैतिकता के एक तय पैमाने पर रखा जाता था।

शकुन बत्रा ने यह भी कहा कि जिस तरह आज फिल्मों में इच्छा और आकर्षण को दिखाया जा रहा है, संभव है कि आने वाले वर्षों में दर्शक उसमें भी कमियां देखें। उनका कहना था कि कहानी कहने वाले उन फिल्मकारों और कलाकारों को आगे बढ़ना चाहिए जो कुछ अलग करने का प्रयास करते हैं।

राधिका ने आगे कहा कि फिल्मों के ऐसे चित्रण का असर समाज की प्रेम और आकर्षण को समझने की धारणा पर भी पड़ सकता है। उनके अनुसार, कई बार किसी व्यक्ति का ध्यान न देना या गलत व्यवहार करना भी आकर्षण के रूप में समझ लिया जाता है और ऐसी सोच को बदलने में लंबा समय लग सकता है।